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सावधान!..कहीं दिल्ली से फिर न आ जाए कोरोना संक्रमण

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बदायूं। दिल्ली में एक बार फिर कोरोना को लेकर स्थिति गंभीर हो गई है। इस समय दिल्ली सरकार कोरोना को काबू में करने की योजना बना रही है। चर्चा तो ये है कि दिल्ली के मुख्य मार्ग बंद किए जाएंगे, जिससे आसपास के जनपदों या प्रदेशों में कोरोना संक्रमण न फैले। दिल्ली के माहौल को देखते हुए बदायूं जिले में खतरा बढ़ गया है। चूंकि दिल्ली से बदायूं तक लोगों का आवागमन हर समय होता है। ऐसे में यात्रियों को और ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है।
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दिल्ली-बदायूं रूट पर करीब 85 रोडवेज बसें चल रहीं हैं। इनके अलावा बरेली, शाहजहांपुर, फर्रुखाबाद, जलालाबाद से भी रोडवेज बसें बदायूं होते हुए दिल्ली आती जाती हैं। दिल्ली-बदायूं रूट पर अन्य जिलों से भी बसें चल रहीं हैं। जो बदायूं से दिल्ली के लिए चलती हैं। एक दिन में सैकड़ों यात्री दिल्ली से आते जाते हैं। कोरोना संक्रमण फैलने की शुरुआत में दिल्ली की स्थिति अच्छी नहीं थी। उस समय जिले में पहला कोरोना संक्रमित दिल्ली से ही आया था। वह सहसवान इलाके में मिला था। इसके बाद कई कोरोना पॉजिटिव दिल्ली से भागकर आ गए थे। इससे बदायूं की स्थिति खराब हो गई।
अब एक बार फिर दिल्ली-बदायूं रूट पर कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ा है। इस समय दिल्ली की स्थिति ठीक नहीं बताई जा रही है। इसके बावजूद बदायूं से दिल्ली आने जाने वालों की संख्या पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। आने वाले दिनों में कहीं यही कारण और संक्रमण फैलने की वजह न बन जाए। ऐसे में दिल्ली-बदायूं रूट पर यात्रियों को सावधान रहने की जरूरत है।
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दिल्ली से लौटने वालों के नहीं होते चेकअप
-कोरोना संक्रमण फैलने की शुरुआत में एक प्रांत से दूसरे प्रांत आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति का चेकअप होता था लेकिन इस समय किसी का चेकअप नहीं हो रहा है। व्यक्ति स्वयं अपनी जांच कराता है तो ठीक है, नहीं तो स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी या टीमें ये भी पूछने नहीं जाती कि कौन व्यक्ति कहां से आया है या जा रहा है। सबको खुद के भरोसे छोड़ दिया गया है।
सैनिटाइज नहीं होतीं रोडवेज बसें
-इस समय जिले में अधिकतर लोग मास्क का प्रयोग नहीं कर रहे हैं। रोडवेज बसों में भी ऐसे ही यात्रा की जा रही है। तो वहीं रोडवेज बसों के भी हाल ठीक नहीं है। बसों को नियमित रूप से सैनिटाइज नहीं कराया जा रहा है और न ही यात्रियों के हाथ सैनिटाइज कराए जा रहे हैं। भीड़ भी बसों में खूब हो रही है। ये लापरवाही यात्रियों पर ही भारी पड़ सकती है।
रोडवेज के दो दर्जन से ज्यादा कर्मचारी हो चुके हैं कोरोना संक्रमित
-लॉकडाउन खुलने के बाद जब रोडवेज बसों का आवागमन शुरू हुआ था। उस समय भी लापरवाही बरती गई। इसका परिणाम ये रहा है कि परिवहन निगम के करीब दो दर्जन कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव हो गए। इनमें सबसे ज्यादा संख्या चालक और परिचालकों की रही थी। इससे रोडवेज बसों का आवागमन भी प्रभावित रहा था।
परिवहन निगम के लिए सरकार का अलग से कोई निर्देश नहीं आया है। जो लोग दिल्ली जा रहे हैं, उनका आनंद विहार पर चेकअप हो रहा है। उनकी तुरंत रिपोर्ट भी मिल रही है। वहां से आने वाले के चेकअप की व्यवस्था नहीं है। हम बसों को सैनिटाइज कराकर भेजते हैं। आनंद विहार स्टैंड पर भी बसें सैनिटाइज होती हैं।
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राजेश कुमार, एआरएम
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