किसान सम्मान निधि की राशि हड़पी
शुरुआती जांच में पता चला है कि 547 बचत खातों में एक से अधिक आधार कार्ड नंबरों की मैपिंग की गई थी। इससे कई किसानों की सम्मान निधि के 1.64 करोड़ रुपये एक ही खाते में आ गए। इसमें से 97.61 लाख रुपये भुगतान दर्शाकर गबन कर लिया। एक-एक खाते पर चार-पांच लोगों के आधार व पैन नंबर लगाकर डीबीटी (डॉयरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के जरिये अन्य जन कल्याणकारी योजनाओं की धनराशि भी डकार गए।
मंगलवार तक जारी होंगे आरोप पत्र
प्रधान कार्यालय में आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र तैयार किए जा रहे हैं। उप महाप्रबंधक सर्वेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि उच्चाधिकारियों ने आरोपी बैंककर्मियों को तुरंत आरोप पत्र जारी करने के लिए कहा है। आरोपी तीनों शाखा प्रबंधक और पांच कैशियर जिस जिले के रहने वाले हैं, वहां के डीएम को भी पत्र लिखकर उनकी संपत्तियों की बिक्री को प्रतिबंधित करने का आग्रह किया जा रहा है, ताकि उनसे गबन की रकम की वसूली की जा सके।
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जांच अधिकारियों के बयान दर्ज
फरीदपुर पुलिस ने बृहस्पतिवार को जिला सहकारी बैंक के प्रधान कार्यालय आकर फरीदपुर शाखा में जांच करने वाले अधिकारियों के बयान भी दर्ज कर लिए हैं। इन अधिकारियों ने पुलिस को घोटाले के बारे में विस्तार से जानकारी दी है। इससे पुलिस की तफ्तीश तेजी से आगे बढ़ रही है।
26 शाखाओं में हो गई जांच, 24 में कामकाज दुरुस्त
महाप्रबंधक ने बताया कि जिले में स्थित सहकारी बैंक की सभी 26 शाखाओं में जांच पूरी हो गई है। फरीदपुर और कनमन शाखाओं को छोड़ दें तो बाकी सभी शाखाओं में कामकाज दुरुस्त मिला है। नवाबगंज शाखा की जांच में कोई गड़बड़ी नहीं मिली है। हालांकि, वहां तैनात कैशियर प्रहलाद सागर की संलिप्तता कनमन शाखा में हुए घोटाले में पाई गई है।
प्रदेश की सभी शाखाओं में जांच के आदेश
उप्र कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के प्रबंध निदेशक आरके कुलश्रेष्ठ ने मामले का संज्ञान लेते हुए प्रदेश में स्थित सहकारी बैंक की सभी शाखाओं में जांच के आदेश दिए हैं। नौ जुलाई को जारी पत्र में लिखा है कि किसी भी शाखा में गड़बड़ी सामने आए तो तत्काल कार्रवाई कर उन्हें भी जानकारी दें।
मेगासॉफ्ट कंपनी का हर छह महीने में हो रहा नवीनीकरण
एक-दो जिलों को छोड़कर प्रदेशभर में जिला सहकारी बैंक की शाखाओं में मेगासॉफ्ट इन्फॉर्मेशन सिस्टम के सॉफ्टवेयर पर बैंकिंग कार्य हो रहा है। बताया जा रहा है कि इस कंपनी के अनुबंध का हर छह महीने पर नवीनीकरण किया जा रहा है। जबकि, इस कंपनी का सॉफ्टवेयर सहकारी बैंकों में वर्ष 2008 से प्रभावी है। इसमें खामियां होने से खातों पर कई-कई आधार की मैपिंग हो जा रही है। इस सॉफ्टवेयर में एक शाखा से दूसरी में खुले खाते में आधार मैपिंग और अन्य सूचना संशोधन की सुविधा है।