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शांत हुआ बवाल, अब सियासी उबाल

Sun, 18 Jan 2015 12:47 AM IST
बरेली
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फतेहगंज पश्चिमी में चेयरमैन का पोस्टर फाड़ने के बाद शुरू हुए बवाल के मामले में भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार के नेतृत्व में डीएम और डीआईजी से मिला।  प्रतिनिधिमंडल ने एक सपा नेता पर आरोप लगाया कि वह चेयरमैन बनना चाहते हैं इसलिए पोस्टर फड़वाकर बवाल कराया।
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प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि  बवाल में भाजपा कार्यकर्ता शामिल ही नहीं थ पुलिस ने वीडियोग्राफी कराई होगी तो दिखाएं, हम उन्हें गिरफ्तार कराएंगे । प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि कस्बे में तीन महीने से दंगा कराने की साजिश की जा रही है। मंदिर के कोनों पर पिल्ले गाड़ने का मामला हो या मूर्ति खंडित करने का, पुलिस ने किसी को गिरफ्तार नहीं किया।  सपा और बसपा के कुछ लोग चुनाव लड़ने की चाहत में यह सब करा रहे हैं। मांस प्रकरण में भी पुलिस ने  रात में ही एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। मामला संवेदनशील था, पुलिस भी तैनात करनी चाहिए थी। भाजपा नेताओं ने डीआईजी आरकेएस राठौर और डीएम संजय कुमार को बताया कि घटना का मास्टर माइंड एक सपा नेता है। उसी ने लड़के भेजे और पोस्टर फाड़ने के बाद बवाल हुआ। एक दारोगा ने बातचीत के दौरान भीड़ पर लाठी चला दी, जिससे जनता उग्र हो गई।   केंद्रीय राज्य मंत्री संतोष गंगवार ने बताया कि जिलाधिकारी और डीआईजी ने मामले में उच्चाधिकारी से जांच कराने का आश्वासन दिया है। प्रतिनिधिमंडल में जिलाध्यक्ष राजकुमार शर्मा, क्षेत्रीय अध्यक्ष बहोरन लाल, नगर विधायक डा. अरुण कुमार, महानगर अध्यक्ष पुष्पेंद्र शर्मा सहित कई पदाधिकारी थे।

फोटो-
सपा ने कहा शहर जलाना चाहती है भाजपा
अनिल बोले, मंत्री-विधायक तो काम कराते नहीं फैक्ट्री बंद कराते हैं
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। फतेहगंज पश्चिमी में तीन दिन पूर्व हुए बवाल के बाद समाजवादी पार्टी के नेताओं ने केंद्रीय मंत्री सांसद संतोष गंगवार और कैंट विधायक राजेश अग्रवाल पर निशाना साधा है। पूर्व प्रदेश सचिव अनिल शर्मा ने कहा कि भाजपा नेता लव जेहाद, घर वापसी और धर्म के नाम पर फसाद फैलाकर शहर जलाना चाहते हैं। सांसद और कैंट विधायक अपने सात और छह बार के कार्यकाल में एक भी ऐसा विकास का काम बताएं जो उन्होंने जनता के हित में किया हो। वह फैक्ट्रियां बंद कराकर नौकरीपेशा लोगों को बेरोजगार जरूर बना रहे हैं।
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पुराना रोडवेज के निकट आयोजित प्रेस वार्ता में सपा नेता अनिल शर्मा ने कहा कि सपा सरकार आपसी सद्भाव और भाईचारा बनाए रखकर जनहित में कई योजनाएं चला रही है। जनता को इसका फायदा भी मिल रहा है। वह 23 जनवरी से शहर विधानसभा क्षेत्र में रात्रि चौपाल लगाकर सरकार की विकास योजनाओं के प्रति जनता को जागरूक करेंगे। पहली रात्रि चौपाल बाकरगंज में लगेगी। इसमें भाजपा नेताओं की असलियत उजागर की जाएगी।  सूरजपाल यादव ने बताया कि अब तक वह कुछ लोगों के साथ रात्रि चौपाल लगा रहे थे लेकिन अब विधायक अताउर रहमान और अनिल शर्मा की अगुवाई में रात्रि चौपाल लगेगी। वार्ता में जिला उपाध्यक्ष अरविंद यादव भी मौजूद थे।

सपा ने भी बनायी जांच कमेटी
बरेली। समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष वीरपाल सिंह यादव ने फतेहगंज पश्चिमी में हुए बवाल मामले में महानगर अध्यक्ष जफर बेग की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय जांच कमेटी बनाई है। ये कमेटी नगर पंचायत चेयरमैन के साथ फतेहगंज पश्चिमी जाकर बवाल के बारे गहराई से पता लगाएगी। जांच कमेटी में जफर बेग के अलावा हाजी गुड्डू, मलखान सिंह यादव, किशनलाल यादव और चेयरमैन कुतुबउद्दीन शामिल हैं।  रिपोर्ट पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष को भेजी जाएगी।

मौलाना शाहबुद्दीन भी पहुंचे
फतेहगंज पश्चिमी। जमाते रजा मुस्तफा के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना शाहबुद्दीन भी शाम के वक्त कस्बे में पहुंचे। उन्होंने आठ दस स्थानों पर बैठकर लोगों से घटना के बारे में जानकारी ली। उन्होंने अल्पसंख्यक वर्ग को संयम बनाए रखने की सलाह दी। कहा कि अमनचैन खराब करने वाला कोई काम न करें।

आईएमसी ने दिया ज्ञापन
बरेली। इत्तेहाद ए मिल्लत कौंसिल की ओर से डीएम को ज्ञापन सौंपकर कुछ पार्टियों पर सांप्रदायिक आधार पर काम करने का आरोप लगाया। मीडिया प्रभारी मुनीर इदरीसी ने कहा कि संगठन ऐसे दलों को बेनकाब करने का काम करेगा।
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 बीस फीसदी दुकानें ही खुलीं, चौकसी जारी
फतेहगंज पश्चिमी। कस्बे में अमन बहाली तो हो रही है पर इसकी रफ्तार सुस्त है। चौथे दिन बाजार आंशिक  खुला। कस्बे में फोर्स का मूवमेंट रहा। पुलिस के साथ छठी वाहिनी मेरठ की आरआरएफ भी लगी थी। एडीएम एफआर मनोज कुमार और एसपी देहात बृजेश श्रीवास्तव चौकी पर कैंप हुए थे। चौराहों पर फसाद की ही चर्चा थी। लोग कह रहे थे कि उनके कस्बे को किसी की नजर लग गई। नए मुकदमे थोपे जाने के डर से बहुसंख्यक समुदाय के व्यापारी खुलकर कुछ कहने से बचते रहे। हालांकि अपनी दुकानें बंद रखकर उन्होंने अपना मूक विरोध जता दिया। बीस फीसदी दुकानें खुलीं जिनमें इस वर्ग की दुकानें गिनीचुनी थीं। चाय की दुकानों पर यही चर्चा थी कि दंगाइयों, पुलिस पर हमला करने वालों पर कार्रवाई जरूर हो पर बेगुनाहों पर संगीन धारा के मुकदमे थोपना गलत है।
 
तीन और गिरफ्तार
फतेहगंज पश्चिमी। पुलिस पर पथराव, जानलेवा हमले के मामले में कार्रवाई का डंडा शनिवार को भी चला। इनमें औंध निवासी लक्ष्य सिंह को बलवा करने, वीरेंद्र मौैर्य और अंकित मिश्रा को शांतिभंग में जेल भेजा गया।  इन्हें गुरुवार को पकड़ा गया था और तब से पूछताछ की  जा रही थी। शुक्रवार को वीरेंद्र के परिवार की महिलाओं ने चौकी आकर अधिकारियों से उन्हें बेकसूर बताते हुए छोड़ने की गुहार भी लगाई थी।
 
पहले से बदनाम है सद्दाम
बरेली। फतेहगंज बवाल की जड़ बताया जा रहे सद्दाम की इस प्रकरण में भूमिका हो या न हो लेकिन वह है काफी शातिर। मात्र 17 साल का सद्दाम मूल रूप से  तिलियापुर गांव का है। उसके पिता लईक ने कई साल पहले मां चमनबानो के साथ ही सद्दाम और उसके छोटे भाई को घर से निकाल दिया था। चमनबानो दोनों बेटों को साथ लेकर मिलक कस्बे में रहीं। वहां कभी सद्दाम किसी की मुर्गी तो कभी बकरी चुराकर बेच देता था। उसकी आदतों से परेशान बस्ती वालों ने विरोध किया तो चमनबानो उसे लेकर फतेहगंज पश्चिमी आ गई। यहां भाई मुस्तकीम ने उन्हें किराए पर कमरा दिला दिया। सद्दाम ने यहां भी हरकतें बरकरार रखीं। कस्बे के लोगों ने भी कहा कि सद्दाम कमाई के लिए ही जानवर चुराने और काटने का काम करता है।
 सद्दाम के साथ ही उसके मामा मुस्तकीम को भी आरोपी बनाकर पुलिस ने जेल भेजा है। शनिवार को मुस्तकीम की पत्नी सलमा ने बताया कि सद्दाम से उनका कोई मतलब नहीं है। वो कहां रहता है, क्या करता है उन्हें नहीं पता।  वो फिजूल में पिस गए।
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