बरेली। शाहदाना उपकेंद्र के एसडीई गौरव शर्मा के इशारे पर संविदाकर्मी अरविंद कुमार ने बिजली कनेक्शन जोड़ने की एनओसी देने के नाम पर 20 हजार रुपये की रिश्वत मांग ली। शिकायत पर एंटी करप्शन टीम ने संविदाकर्मी को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। एसडीई समेत दोनों के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
बारादरी के नवादा शेखान निवासी राकेश कुमार का बिजली बिल बकाया होने के कारण कनेक्शन काट दिया गया था। राकेश पर करीब डेढ़ लाख रुपये का बकाया था। उन्होंने ओटीएस (एकमुश्त समाधान योजना) के तहत 1.10 लाख रुपये जमा करा दिए। इसके बाद बिजली कनेक्शन जोड़ने के लिए एसडीई से एनओसी मांगी थी। आरोप है कि शाहदाना उपकेंद्र के एसडीई गौरव शर्मा ने कार्यालय में तैनात संविदाकर्मी अरविंद कुमार के जरिये राकेश से 20 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। राकेश कुमार ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन टीम से की थी।
एंटी करप्शन की ट्रैप टीम ने शुक्रवार को अरविंद को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से रिश्वत में लिए गए नोट भी बरामद हो गए। कोतवाली में एसडीई गौरव शर्मा और अरविंद कुमार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। सीओ ने बताया कि कोतवाली में शून्य अपराध संख्या पर मामला दर्ज किया जा रहा है। इसे एंटी करप्शन थाने को ट्रांसफर किया जाएगा। आरोपी अरविंद ने भी स्वीकार किया है कि एसडीई के कहने पर ही उसने रिश्वत ली थी। इसलिए एसडीई के खिलाफ भी उन्हीं धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की जा रही है।
एसडीई फरार, घर में लगा मिला ताला
एंटी करप्शन टीम ने अरविंद कुमार की गिरफ्तारी के बाद एसडीई गौरव शर्मा की तलाश की। पता लगा कि एसडीई अपने कार्यालय से फरार हो गए हैं। टीम जानकारी करके एसडीई के आवास पर गई। वहां ताला लगा मिला। अधिकारियों ने कॉल की तो एसडीई का मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ मिला।
गार्ड को फंसाकर होमगार्ड कमांडेंट भी फरार
हाल ही में जिला कमांडेंट शैलेश प्रताप सिंह के कहने पर दस हजार रुपये रिश्वत लेते होमगार्ड गौरव सिंह को भी गिरफ्तार किया गया था। मामले में जिला कमांडेंट शैलेंद्र प्रताप को भी नामजद किया गया जो अभी तक फरार हैं। दोनों के खिलाफ बारादरी थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई थी। कमांडेंट के खिलाफ मुरादाबाद के डिप्टी कमांडेंट विभागीय जांच कर रहे हैं।