बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राएं और शिक्षक यूक्रेन स्टेट विश्वविद्यालय में शोध व पढ़ाई करने जा सकेंगे। वहां से विद्यार्थी और शिक्षक भी रुविवि में शोध करने आएंगे। आने वाले समय में विज्ञान, स्टार्टअप, तकनीक व शोध के क्षेत्र में दोनों मिलकर कार्य करेंगे। इसी क्रम में शुक्रवार को दोनों देशों के विश्वविद्यालयों के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए।
विश्वविद्यालय में कुलपति कार्यालय स्थित समिति कक्ष में एमओयू कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें सूमी स्टेट विश्वविद्यालय यूक्रेन के प्रतिनिधियों ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इसमें संकाय विनिमय, शोध विनिमय समेत अन्य एमओयू पर दोनों विश्वविद्यालय आने वाले समय में साथ काम करेंगे। इससे न केवल पठन-पाठन बल्कि विज्ञान और शोध के साथ-साथ छात्रों के विकास पर भी ध्यान केंद्रित होगा। कुलपति प्रो. केपी सिंह ने कहा कि समझौता ज्ञापन मात्र कागजी कार्रवाई नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इससे दोनों ही विश्वविद्यालयों के शिक्षकों, छात्रों व शोधार्थियों को लाभ मिलना चाहिए तभी एमओयू सफल होगा। अंतरराष्ट्रीय संबंध निदेशालय के अतिरिक्त शोध निदेशक प्रो. भोला खान ने बताया कि अहम बात यह होगी कि यूक्रेन विश्वविद्यालय के छात्र रुहेलखंड इन्क्यूबेशन फाउंडेशन के माध्यम से स्टार्टअप भी कर सकेंगे। इससे दोनों देशों के संबंधों को भी मजबूती मिलेगी। दोनों विवि के प्रोफेसर संयुक्त रूप से शोध कर सकेंगे। इसमें तकनीक का आदान प्रदान भी किया जाएगा। सूमी स्टेट विश्वविद्यालय से प्रतिनिधि वासिल डी. करपुषा, इवान एस कोजी, कोस्त्यन्तिन किरिचेंको, ओलेक्सी ल्यूल्योव, विटालिया कोइबिचुक मौजूद रहे। वहीं रुविवि से प्रो. एसके पांडे, प्रो. सरबजीत सिंह बेदी, प्रो. भोला खान, प्रो. संजय गर्ग, डॉ. अतुल कटियार, डॉ. मनोज कुमार सिंह आदि उपस्थित रहे।