फरीदपुर। नगर पालिका परिषद फरीदपुर के जलकल संस्थान में आवंटित दुकानों का अवैध रूप से किराया लगभग 14 वर्षों से वसूला जा रहा है। नगर पालिका द्वारा किराए पर दी गई दुकानों का वर्ष 2010 में अनुबंध खत्म हो चुका है। इसके बाद भी नगर पालिका की दुकानों में अवैध रूप से लोग अपना व्यापार कर रहे हैं। अब फरीदपुर के अतुल मिश्रा ने मामले में डीएम से लेकर मुख्यमंत्री तक को शिकायतीपत्र भेजा है।
नगर पालिका परिषद ने सन् 2000 में 44 दुकानें जलकल संस्थान में तैयार करवाकर व्यापारियों को किराए पर दिया था। अनुबंध खत्म होने के बाद नए सिरे से प्रक्रिया होनी थी। बावजूद, अवैध रूप से इन दुकानों का किराया वसूली का खेल जारी है, लेकिन इस रकम को सरकारी खजाने में जमा न कर बंदरबांट किया जा रहा है।
फरीदपुर नगर के अतुल कुमार मिश्रा ने नगर पालिका में व्याप्त भ्रष्टाचार के संबंध में शिकायत करते हुए आरोप लगाया है कि नगर पालिका में रहे विकास जौहरी की पिता की मृत्यु हो जाने के बाद मृतक आश्रित में उन्हें नियम विरुद्ध नौकरी दी गई। अब विकास जौहरी की भी मृत्यु हो चुकी है। इसके बाद नगर पालिका में उनकी पत्नी को मृतक आश्रित में नौकरी देने की तैयारी की जा रही है। वहीं, नगर पालिका में तैनात राजीव यादव को भी उनके पिता की मौत होने के बाद मृतक आश्रित में नौकरी दी गई, जबकि जिस वक्त राजीव यादव को मृतक आश्रित में नौकरी पर रखा गया। उस समय उनकी आयु कम थी।
शिकायतकर्ता अतुल मिश्रा ने आरोप लगाया कि नगर पालिका के अधिकारी व कर्मचारी मिलीभगत कर दुकानों का अवैध रूप से किराया वसूलकर सरकार को चूना लगा रहे हैं। जब कोई भी व्यक्ति इस घोटाले की शिकायत करता है, तब नगर पालिका दुकानदारों को नोटिस देने की बात कह कर शिकायत का निस्तारण करा देती है, लेकिन 14 वर्षों से अभी तक इस ओर कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
क्या कहते हैं अधिशासी अधिकारी
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि विकास जौहरी की मौत हो चुकी है। वहीं, राजीव कुमार के संबंध में कोई शैक्षिक प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं कराया गया। आयु संबंधित कोई शैक्षिक प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया जाता है तो कार्रवाई की जाएगी। नगर पालिका की दुकानों का अनुबंध खत्म होने के बाद से कोई किराया नहीं वसूला जा रहा है। दुकानें खाली कराने के लिए अब अंतिम नोटिस जारी किया जाएगा। अचार सहायता खत्म हो चुकी है। संवाद