बरेली। स्मार्ट सिटी के तहत होने वाले कार्यों के लिए जनता के सुझाव लेने और उनकी समस्याओं को समझने के लिए दो साल पहले एक पीआर एजेंसी से किया गया अनुबंध अब नगर निगम ने खत्म कर दिया है। नगर निगम के अफसर का कहना है कि कंपनी स्थानीय समस्याओं को नहीं समझ पाई और उन्होंने स्मार्ट सिटी का खाका तैयार करने में नगर निगम की कोई मदद नहीं की।
स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट में जनता की भागीदारी हो, उनके सुझाव आएं और समस्याएं भी समझी जा सकें.. इसके लिए नगर निगम ने बंगलुरू की एक एजेंसी से अनुबंध किया था। अनुबंध का उद्देश्य था कि एजेंसी शहर की समस्याओं और जनता के सुझाव से स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट को और बेहतर कराए मगर एजेंसी ऐसा नहीं कर सकी। स्मार्ट सिटी जीएम संजय सिंह चौहान ने बताया कि कंपनी को दो करोड़ का भुगतान होना था मगर अब यह राशि एजेंसी को नहीं दी जाएगी। इस कार्य से विकास कार्य कराए जाएंगे। गौरतलब है कि केंद्र सरकार का कहना था कि इस प्रोजेक्ट में जनता के सुझाव भी जरूरी रहेंगे।