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नगर निगम में 25 करोड़ खपाने का खेल

Tue, 12 Jan 2016 01:44 AM IST
बरेली
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बरेली। वित्तीय वर्ष की क्लोजिंग होने में ढाई महीने से ज्यादा का वक्त बाकी है लेकिन नगर निगम में अभी से खेल शुरू हो गया है। 10 महीने से हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे इंजीनियर सड़क और नाली निर्माण के टेंडर रोजाना निकालकर बजट को आनन-फानन में किसी तरह खपाने में लगे हैं। सड़क और नाली निर्माण में साढ़े नौ महीने में 30 फीसदी काम भी पूरा नहीं हो पाया है। अब किसी तरह टेंडर निकालकर 25 करोड़ से ज्यादा का बजट आनन-फानन में मनमर्जी से खर्च करने का काम हो रहा है।
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नगर निगम बोर्ड से स्वीकृत वित्तीय वर्ष 2015-16 के बजट में सड़क, पुलिया और नाला निर्माण के लिए 33.25 करोड़ रुपये के इंतजाम किए गए थे। पुनरीक्षित बजट में इस मद में बजट बढ़ाकर 48.25 करोड़ रुपये कर दिया गया। इस बजट से शहर में छोटी बड़ी 250 सड़कें, दो दर्जन पुलियां और 39 नालों के निर्माण होने हैं। बोर्ड में रखे गए आंकड़ों के मुताबिक साढ़े नौ महीने बाद तक नगर निगम ने 30 फीसदी निर्माण भी पूरा नहीं कर पाया है। एस्टीमेट भी आनन-फानन में बनाए गए हैं। मढ़ीनाथ में मनीषा गैस गोदाम से 360 मीटर नाला निर्माण का एस्टीमेट 17.48 लाख का है जबकि मथुरापुर में रामपुर रोड के दोनों ओर चार सौ मीटर लंबा नाला 35 लाख में बनेगा। मथुरापुर में अब तक नाला बना भी नहीं है। बदायूं रोड पर नर्सरी से करगैना तक 170 मीटर लंबा नाला निर्माण के लिए 39.80 लाख का एस्टीमेट बनाया गया है। नाला, पुलिया या सड़क निर्माण का एस्टीमेट बनाने में शुरू से ही किसी तरह के मानक का पालन नहीं हो रहा। प्रेमनगर थाने के सामने तीन महीने से बन रही पुलिया अब भी नहीं बन पाई। सड़क पर मिट्टी के ढेर लगे हैं। 23 करोड़ से ज्यादा की रकम इंजीनियरों ने मनमाने तरीके से खर्च की है। अब क्लोजिंग  के ढाई महीने में बाकी बचे 25 करोड़ भी इसी तरह ठिकाने लगाने की तैयारी है।

कोट
नाला और सड़क निर्माण में अभी 20 से 25 करोड़ ही खर्च हो पाए हैं। इतनी ही रकम बाकी है। ये रकम अगर वर्तमान वित्तीय वर्ष में खर्च नहीं हुई तो अगले वित्तीय वर्ष में ट्रांसफर हो जाएगी।
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-सतीश कुमार, एक्सईएन नगर निगम
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