बरेली। उपयुक्त भूमि न मिलने के कारण शहर में बदायूं रोड और आंवला में रोडवेज बस अड्डों का निर्माण फंस गया है। दोनों स्थानों पर दो साल से भूमि की तलाश की जा रही है। हालांकि, शहर में झुमका तिराहा के पास एक स्थान पर भूमि मिल गई है लेकिन यह रोडवेज को हस्तांतरित नहीं हो सकी है।
कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह ने आंवला और फरीदपुर में बस अड्डों के निर्माण का प्रस्ताव दिया था। फरीदपुर में दो साल पहले बस अड्डा बनकर तैयार हो चुका है। आंवला में अब तक भूमि की तलाश पूरी नहीं हो सकी है।
इधर कैंट विधायक संजीव अग्रवाल ने बदायूं रोड पर बस अड्डे का प्रस्ताव दिया था। इसे मंजूरी भी मिल गई, लेकिन उपयुक्त भूमि न मिलने से काम शुरू नहीं हो सका है। चौबारी के पास एक भूमि को देखा गया था, लेकिन यह बस अड्डे के लिए उपयुक्त नहीं पाई गई।
इधर, इज्जतनगर में भी बस अड्डे का निर्माण समय से पूरा नहीं हो सका है। दो बार मियाद बढ़ाए जाने के बाद कार्यदायी संस्था को 30 जून तक निर्माण पूरा कर बस अड्डा रोडवेज को हस्तांतरित करना था। यहां भी एक बार फिर से मियाद बढ़ा दी गई है। अब इस अड्डे के निर्माण का काम 31 अगस्त तक पूरा करने का दावा है।
शहर की सड़कों पर कम होगा बसों का दबाव
इज्जतनगर, झुमका तिराहा और बदायूं रोड पर बस अड्डे बनने के बाद शहर की सड़कों पर बसों का दबाव कम हो जाएगा। इसके साथ ही ऑटो और ई-रिक्शा का दायरा भी बढ़ जाएगा। अब तक सबसे ज्यादा ऑटो और ई-रिक्शा सेटेलाइट बस अड्डे से पुराना रोडवेज बस अड्डा, जंक्शन और बरेली सिटी स्टेशन रूटों पर होता है। ऐसे में इन इलाकों के प्रमुख चौराहों पर जाम की स्थिति बनी रहती है। ऑटो, ई-रिक्शा का दायरा बढ़ने के बाद यह समस्या भी काफी हद तक दूर होने की उम्मीद है।
वर्जन
आंवला और बदायूं रोड पर बस अड्डों का निर्माण प्रस्तावित है। इज्जतनगर बस अड्डे का निर्माण 31 अगस्त तक पूरा हो जाएगा। सेटेलाइट बस अड्डे का कायाकल्प भी प्रस्तावित है। - मोहम्मद अजीम, क्षेत्रीय प्रबंधक