बरेली। परसाखेड़ा औद्योगिक इकाइयों के भारी वाहनों की पार्किंग व्यवस्था के लिए प्रस्तावित ट्रक ले-बाई का निर्माण कार्य फिर अटक गया है। वजह, निर्माण में बाधा बने 372 पेड़ों को कटने से बचाना है। एनएचएआई की सिफारिश के बाद नई जगह पर निर्माण में सालभर लग जाएंगे। नरियावल स्थित ट्रांसपोर्ट नगर पहुंचाने के लिए परसाखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र के उद्यमियों को माल की निगरानी, आवाजाही के लिए अतिरिक्त खर्च और परेशानी उठानी पड़ रही थी। लंबे समय से चल रही इस मांग पर बीते वर्ष मिनी ट्रांसपोर्ट नगर बसाने की कवायद परसाखेड़ा के पास शुरू हुई, लेकिन भूमि उपलब्ध न होने से पेच फंस गया।
उद्यमियों संग क्रमवार बैठक के बाद बीते वर्ष ट्रक ले-बाई निर्माण पर सहमति बनी। एनएचएआई ने भी मुख्यालय प्रस्ताव भेजा। स्वीकृति और टेंडर प्रक्रिया के बाद वन विभाग से पेड़ाें को काटने के लिए एनओसी मांगी, लेकिन अनुमति नहीं मिली।
मंडलायुक्त को एनएचएआई के प्रतिनिधि ने संबंधित जानकारी दी। बताया कि मुरादाबाद से बरेली की ओर आने वाले रोड के दोनों ओर किमी संख्या 234 बाईं ओर और 238 पर दाईं ओर क्रमश: 372 और 37 पेड़ लगे हैं। मंडलायुक्त ने कम पेड़ वाले स्थान को विस्तार देने के लिए कहा है।