सिरौली। क्षेत्र के कूप रामगंगा घाट पर पीपों वाला पुल नहीं बनने से 100 गांवों के लोगों को तीन किमी की जगह शाहबाद होकर 28 किमी घूमकर दूरी तय करनी पड़ रही है। इससे अधिक आर्थिक बोझ के साथ-साथ ग्रामीणों का घंटों का समय जाया जा रहा है। इस मामले में प्रस्ताव बनाकर लखनऊ भेजा गया था, लेकिन एक साल बाद भी यह कार्य अधर में अटक गया।
रामगंगा पार में 50 गांव हैं, जो रामपुर की शाहबाद, मिलक की तहसीलों में पड़ते हैं, जिनकी सिरौली से सीधी दूरी तीन किमी है, लेकिन रामगंगा के कारण दोनों क्षेत्रों के लोगों को 28 किमी. घूमकर आना-जाना पड़ता है। इसलिए दोनों क्षेत्रों के लोग सिरौली के कूप घाट पर रामगंगा पर पीपों वाले पुल की मांग करते रहे हैं। ग्रामीणों का मानना है कि यह पुल तैयार हो जाए तो सिरौली मिलक तहसील की दूरी 40 किमी. से घटकर मात्र 14 किमी. हो जाएगी।
रामगंगा पार के लोगों ने बताया कि उनके गांव की जमीनें गंगा पार सिरौली क्षेत्र में पड़ती हैं। बरसात में बहुत दिक्कतें होती हैं। इसलिए पुल बनने से दोनों ओर के 100 गांवों के लोगो को लाभ मिल सकेगा। हालांकि गांव कूप के पूर्व युवा प्रधान सुनील कुमार सिंह की मांग पर मुख्यमंत्री ने आदेश दिया था। इस पर रामपुर के डीएम ने सर्वे कराकर गत वर्ष प्रस्ताव लखनऊ भेजा था, लेकिन आज तक यह काम आगे नहीं बढ़ सका। सिरौली के व्यापारी राजकुमार सर्राफ, भाजयुमो नेता ठाकुर अर्जुन सिंह आदि ने जल्द से जल्द पुल बनवाने की मांग की है। संवाद