फ्लाईओवर का विरोध कर रहे व्यापारियों को मेयर ने दिया था विकल्प
व्यापारी नेताओं ने अतिक्रमण हटाने का दावा किया पर करा नहीं पाए
बरेली। कुतुबखाना में सड़कों से अवैध कब्जे हटवाकर यहां फ्लाईओवर के निर्माण से बचने का विकल्प पूरे इलाके में फिर अतिक्रमण बहाल हो जाने से कमजोर हो गया है। मेयर उमेश गौतम की पहल के बाद व्यापारी नेताओं ने कुतुबखाना को अतिक्रमणमुक्त बनाने का दावा तो किया लेकिन उनकी कोशिशें कामयाब नहीं हो पाईं। नगर निगम के जिला अस्पताल रोड से कोहाड़ापीर तक अवैध कब्जे हटाने की कई दिन तक मुहिम चलाने के बावजूद अब फिर सड़कों पर पहले की तरह कब्जे बहाल होने शुरू हो गए हैं। सदर कोतवाली से कुतुबखाना तक सड़क की पटरी फिर फड़ों से सज गई है। इंद्रा मार्केट में भी ठेलों ने सड़क को घेर लिया है। बता दें कि कुतुबखाना इलाके के तमाम व्यापारी यहां फ्लाईओवर बनाने का विरोध कर रहे हैं। इसके बाद मेयर ने उन्हें विकल्प दिया था कि अगर वे सड़कों से अवैध कब्जे हटवा दें तो भीषण जाम में उलझे रहने वाले कुतुबखाना में फ्लाईओवर बनाने का फैसला टाला जा सकता है।
कोतवाली के ऐन सामने ही सड़क पर कब्जे, फिर जिला अस्पताल तक जाम
सदर कोतवाली के ऐन सामने ही सड़क पर फिर कपड़ों के ठेले सजने शुरू हो गए हैं। सोमवार को यह सिलसिला आगे जिला अस्पताल तक बरकरार दिखा। कोतवाली के सामने ही ट्रैफिक ड्यूटी भी लगाई जाती है लेकिन जाम लगा रहने के बावजूद सड़क पर जमे कब्जेदार टस से मस नहीं होते। सड़क की दोनों तरफ कब्जे होने की वजह से ट्रैफिक गुजरने के लिए काफी कम जगह बचती है। इसी वजह से जाम लगा रहता है।
इंद्रा मार्केट की सौ फुट से भी ज्यादा चौड़ी सड़क फिर कब्जों में गुम
कोतवाली के आगे इंद्रा मार्केट में अवैध कब्जों की वजह से हालात और खराब है। कुछ दिन पहले यहीं पर अभियान चलाकर अवैध कब्जे हटाए गए थे तो यहां सौ फुट से भी ज्यादा चौड़ी सड़क निकल आई थी। अब फिर अवैध कब्जे बहाल होने के बाद सड़क गुम हो गई है। कपड़े बेचने वालों ने सड़क के बीच ही अपने ठेले लगाने शुरू कर दिए हैं। लिहाजा जिन वाहनों को जिला पंचायत की ओर जाना होता है, वे यहां जाम में फंस जाते हैं। इसी के आगे जिला अस्पताल की चहारदीवारी से सटी सड़क पर भी फड़ दुकानदारों ने कब्जा कर लिया है। यही हाल चहारदीवारी के सामने वाले सड़क के हिस्से पर भी है।
घंटाघर से कोहाड़ापीर तक सड़क पर अवैध कब्जे, फिर लगने लगा जाम
घंटाघर से कुछ कदम पहले ही बाजार में सौ से ज्यादा कपड़ों के ठेले सड़क के दोनों ओर हिस्सों पर कब्जा जमाए दिखते हैं। आगे घंटाघर पर भी अवैध कब्जों का यही हाल है। कुतुबखाना बाजार में कुछ दिन पहले जिन हार्डवेयर दुकानदारों का सड़क पर रखा सामान हटवाया गया था, उन्होंने अब फिर सड़क पर दुकान सजानी शुरू कर दी है। बाजार में एक बार फिर अतिक्रमण बढ़ने के बाद सोमवार को यहां लगातार जाम के हालात बने रहे।
एसपी ट्रैफिक से फरियाद.. सड़क से कब्जे हटवा दें तो नहीं लगेगा जाम
बरेली। कुतुबखाना के व्यापारियों ने सोमवार को एसपी ट्रैफिक संजीव कुमार बाजपेयी को ज्ञापन देकर कोतवाली से लेकर कोहाड़ापीर तक ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त कराने का आग्रह किया।
फ्लाईओवर का विरोध कर रहा कुतुबखाना के व्यापारियों में एक धड़ा रोजाना अधिकारियों के चक्कर काट रहा है। सोमवार को व्यापारी सेवा संघ के नदीम शम्सी और महेश पंडित ने एसपी ट्रैफिक से कुतुबखाना और कोहाड़ापीर पर यातायात व्यवस्था को सुधारने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि अगर इन दोनों जगहों पर कब्जे हटा दिए जाएं तो जाम नहीं लगेगा और कुतुबखाना में फ्लाईओवर की जरूरत खत्म हो जाएगी। यह भी कहा कि जाम की समस्या से निपटने के लिए ट्रैफिक पुलिस कोई कोशिश नहीं कर रही है। पहले बाजारों में चार पहिया वाहन और ई-रिक्शा का प्रवेश बंद कर दिया गया था मगर अब फि से बाजार में इन वाहनों का आना शुरू हो गया है। बाजार में ही ये वाहन बेतरतीब खड़े कर दिये जाते है। उन्होंने कहा कि अगर यातायात के नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाए तो बाजारों में यातायात व्यवस्था खुद ब खुद सुधर जाएगी।
दुकानों के सामने नहीं बनेंगे फ्लाईओवर के पिलर
बरेली। कुतुबखाना फ्लाईओवर के निर्माण के दौरान व्यापारियों की एक और सहूलियत के बारे में विचार किया जा रहा है। सेतु निगम यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा है कि फ्लाईओवर के पिलर किसी एक दुकान के ऐन सामने न हों। सेतु निगम पिलर की जगह तय करने के लिए दोबारा सर्वे करेगा। सेतु निगम के उप परियोजना प्रबंधक वीके सेन ने बताया कि कुतुबखाना फ्लाईओवर का सर्वे दोबारा नहीं होगा। मानचित्र पहले ही तैयार हो चुका है। अब सेतु निगम यह तय करेगा कि किसी दुकान के सामने पिलर न आए। पिलर की मोटाई कम रखने की पहले से कोशिश की जा रही है। अब पिलर की वजह से कोई दुकानदार मुश्किल में न पड़े, इसके लिए सेतु निगम के अधिकारी एक और सर्वे कर चार्ट तैयार करेंगे ताकि किसी भी तरह सुनिश्चित किया जा सके कि पिलर दो दुकानों के बीच के हिस्से में आए और किसी दुकान का गेट पिलर से बंद न हो।