कांग्रेसी नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया
- फोटो : संवाद
बरेली में केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ चौकी चौराहा स्थित गांधी पार्क में धरना दे रहे कांग्रेसजन बृहस्पतिवार को जिलाध्यक्ष मिर्जा अशफाक सकलैनी को हाउस अरेस्ट करने का आरोप लगाते हुए सड़क पर उतर आए। यातायात व्यवस्था प्रभावित होते देख कर पुलिस कांग्रेस के 12 पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को पुलिस लाइन ले गई। लगभग तीन घंटे बाद सभी को छोड़ दिया गया।
कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष दिनेश दद्दा एडवोकेट ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाने, ईडी का दुरुपयोग करने पर भाजपा कार्यालय की घेराबंदी का आह्वान किया गया था। इसे लेकर पुलिस प्रशासन ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष मिर्जा अशफाक सकलैनी के सिरौली स्थित उनके आवास की घेराबंदी कर उनको हाउस अरेस्ट कर लिया।
उधर, अशफाक ने कहा कि भाजपा सरकार पुलिस को आगे करके हमें घर से निकलने से तो रोक सकती है, लेकिन हमारे हौसले को नहीं रोक सकती। पिछले एक दशक से ज्यादा समय से केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस पार्टी व उसके नेताओं के खिलाफ राजनीतिक प्रतिशोध और बदले की भावना से गैरकानूनी तरीके से कार्रवाई की जा रही है।
भाजपा सरकार द्वारा कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ दुर्भावना से ग्रसित होकर ईडी से कार्रवाई कराई गई थी। न्यायालय ने ईडी द्वारा की जा रही कार्रवाई को अवैध और दुर्भावना से ग्रसित पाया। प्रदर्शन में कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष जिया उर रहमान, प्रदेश प्रवक्ता केबी त्रिपाठी, डॉ. हरीश गंगवार, उल्फत सिंह कठेरिया, साहेब सिंह, पंकज उपाध्याय सहित अन्य लोग शामिल रहे।