कांग्रेस खेमे में चल रही अंतरकलह अब खुलकर सामने आने लगी है। बुधवार को जिला कांग्रेस कमेटी की बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में जितिन प्रसाद सहित अन्य के सोनिया गांधी के नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाए जाने की कड़े शब्दों में निंदा की और पदाधिकारियों ने उनके खिलाफ अनुशासनात्क कार्यवाही की मांग करते हुए प्रस्ताव पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी को भेज दिया है।
जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय पर आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाध्यक्ष प्रहलाद पटेल ने कहा कि सोनिया गांधी पार्टी की एक सर्वमान्य नेता हैं। हम लोग राहुल गांधी और प्रियंका गांधी में पूरा विश्वास रखते हैं। यदि परिवर्तन होता है तो राहुल गांधी को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जाए। जितिन प्रसाद सहित जिन वरिष्ठ नेताओं ने हस्ताक्षर कर सोनिया गांधी की कार्य क्षमता पर ऐसे समय पर उंगली उठाई है। जब देश में कोरोना की आपात स्थिति है। सोनिया गांधी भी अस्वस्थ हैं।
राजस्थान और मध्य प्रदेश की सरकारों पर भी भाजपा हमला कर रही है। ऐसे समय में हस्ताक्षर करना यह दर्शाता है कि इन लोगों की सोनिया गांधी और कांग्रेस में कोई आस्था नहीं है। जो काम भाजपा कर रही है। वही काम इन लोगों ने किया है। आपातकालीन बुलाई गई बैठक में जिला कांग्रेस और शहर कमेटी ने सर्वसम्मति से हस्ताक्षर करने वाले समस्त सदस्यों के खिलाफ अनुशानात्मक कार्यवाही कर की जाए।
निंदा प्रस्ताव में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश से जितिन प्रसाद पूर्व मंत्री के हस्ताक्षर हैं। इनका पारिवारिक इतिहास गांधी परिवार के खिलाफ रहा है। इनके पिता ने सोनिया गांधी के खिलाफ चुनाव लड़कर इसका सबूत दिया था। इसके बाद भी सोनिया गांधी ने जितिन प्रसाद को लोकसभा का टिकिट देकर सांसद और मंत्री बनाया। जितिन प्रसाद का यह कृत्य अनुशासनहीनता है। जिला कांग्रेस कमेटी इसकी कड़े शब्दों में निंदा करती है और अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग करती है। निंदा प्रस्ताव पर शहर अध्यक्ष सिद्यार्थ त्रिवेदी, संजय गोस्वामी, कुमुद गंगवार, दिलीप कुमार पासवान, मोहम्मद फारूक सिद्दीकी आदि के हस्ताक्षर हैं। इस संबंध में जितिन प्रसाद से मोबाइल पर संपर्क किया गया पर बात नहीं हो सकी।