उत्तर प्रदेश के अनुदानित और राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट स्तर पर पर्यावरण विज्ञान के शिक्षकों की भर्ती की मांग बढ़ी है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पर्यावरण विषय में सहायक अध्यापक (एलटी ग्रेड) और प्रवक्ता के पदों पर भर्ती कराने का आश्वासन दिया है। इस मांग को लेकर बरेली कॉलेज में पर्यावरण विज्ञान विभाग के प्रभारी डॉ. एपी सिंह मुख्यमंत्री से मिले थे।
डॉ. सिंह ने बताया कि पर्यावरण विज्ञान विषय को शासन ने प्रदेश में डिग्री स्तर पर अनिवार्य रूप से लागू किया है, लेकिन माध्यमिक स्तर पर जब तक इसको अनिवार्य विषय के रूप में लागू नहीं किया जाता, तब तक डिग्री स्तर पर छात्र-छात्राओं की बुनियाद मजबूत नहीं होगी। यह तभी संभव है, जब प्रदेश सरकार माध्यमिक विद्यालयों में पर्यावरण विज्ञान के शिक्षकों की नियुक्ति करे। इसके लिए वह पिछले दिनों लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री से मिले थे। उनसे मांग की कि प्रदेश के माध्यमिक विद्यालयों में पर्यावरण विज्ञान विषय के एलटी ग्रेड के सहायक अध्यापक और प्रवक्ता के पदों पर भर्ती की जाए। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने राजकीय विद्यालयों में शिक्षा विभाग के जरिए और अनुदानित माध्यमिक विद्यालयों में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के जरिए पर्यावरण विज्ञान के शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू कराने का आश्वासन दिया है।
एमएससी में एडमिशन की अनुमति मिली
बरेली। बरेली कॉलेज को एमएससी पर्यावरण विज्ञान में सीधे एडमिशन की अनुमति एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय से मिल गई है। इसके लिए कॉलेज के पर्यावरण विज्ञान विभाग के प्रभारी डॉ. एपी सिंह ने 25 अक्तूबर तक एडमिशन की अनुमति मांगी थी। विश्वविद्यालय ने इस विषय में एमएससी में एडमिशन प्रवेश परीक्षा के आधार पर करने का प्रावधान किया है, लेकिन कॉलेज में रिक्त आठ सीटों पर अब सीधे एडमिशन हो सकेंगे।