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रुविवि में स्वामी दयानंद की पीठ का प्रस्ताव बनेगा

Tue, 18 Oct 2016 01:46 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली
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एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय में पंडित राधेश्याम कथावाचक और आला हजरत की पीठ के बाद अब स्वामी दयानंद की पीठ स्थापित करने की मांग उठी है। आर्य समाज की ओर से इसकी मांग का प्रस्ताव बनाकर कुलपति सौंपा गया है। कहा गया है कि आर्य समाज की पीठ स्थापित होने से विश्वविद्यालय में वेद और आर्य साहित्य के अध्ययन तथा शोध को बढ़ावा मिलेगा।
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आर्य समाज बिहारीपुर के मंत्री तथा भारत सरकार केे युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति के सदस्य डॉ. श्वेतकेतु शर्मा की ओर से कुलपति को प्रस्ताव उपलब्ध कराया गया। उनसे कहा है कि पांच अक्तूबर को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के सचिव प्रो. जसपाल एस संधू ने देश के सभी विश्वविद्यालयों को गुरु गोविंद सिंह और स्वामी दयानंद के सामाजिक जागृति और सामाजिक सुधार के कार्यों के वृहद अध्ययन और शोध के लिए उनकी पीठ स्थापित के प्रस्ताव मंजूरी के लिए उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसी आदेश के अनुपालन में रुहेलखंड विश्वविद्यालय की ओर से स्वामी दयानंद की पीठ स्थापना का प्रस्ताव बनाकर मंजूरी के लिए यूजीसी को जल्द भेजा जाए ताकि पीठ जल्द से जल्द स्थापित हो सके। कुलपति प्रो. मुशाहिद हुसैन ने उनको प्रस्ताव बनाकर यूजीसी को भेजने का आश्वासन दिया। उन्होंने कुलसचिव डॉ. साहबलाल मौर्य को प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए हैं। हालांकि कुलपति का कहना था कि अगर यूजीसी से अनुमति नहीं मिलेगी तो पीठ की स्थापना संभव नहीं होगी। आर्य समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि सेल्फ फाइनेंस में ही पीठ खुलती है तो भी उसके लिए सभी जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने को वे तैयार हैं।
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स्वामी दयानंद पीठ का प्रस्ताव तैयार कराकर अनुमति के लिए जल्द ही यूजीसी को भेज देंगे। वहां से मंजूरी हुई तो पीठ स्थापित की जाएगी।
-डॉ. साहबलाल मौर्य, कुलसचिव 
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