बरेली। नमामि गंगे तथा जल निगम (ग्रामीण) के प्रबंध निदेशक डॉ. राजशेखर ने अधूरी परियोजनाओं का संज्ञान लिया। बाधाएं दूर कराने के आदेश दिए। बोले- जहां पाइप लाइन बिछाने के लिए सड़कें काटी गईं हैं, बरसात से पहले उन्हें पहले जैसी स्थिति में लाएं, ताकि हादसे न हों।
प्रबंध निदेशक ने कलक्ट्रेट सभागार में बुधवार को मुरादाबाद व बरेली में पेयजल योजनाओं की समीक्षा की। कहा कि रोड रेस्ट्रोरेशन न होने के कारण कोई हादसा हुआ तो संबंधित कंपनी के अभियंताओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 31 मई तक प्रत्येक जगह पेयजल योजनाओं के कार्य शुरू करा दिए जाएं। प्रत्येक जनपद में 24 व 25 मई को नोडल अधिकारी निरीक्षण करेंगे। कमी मिली तो कार्यदायी एजेंसी के भुगतान में कटौती की जाएगी।
एमडी ने पानी की किल्लत को दूर कराने, पेयजल योजनाएं को पूर्ण रूप से सक्रिय कराने, पुरानी ठप परियोजनाओं के संचालन के लिए डीपीआर बनाने के निर्देश दिए। मुरादाबाद के अधीक्षण अभियंता जल निगम ने एसटीपी के कार्य में एजेंसी द्वारा सुस्ती दिखाए जाने की शिकायत की। इस पर एजेंसी को नोटिस जारी करने का आदेश दिया। मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल, जिलाधिकारी अविनाश सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
ओवरहैड टैंक का निर्माण अटका
बरेली जिले में दो ओवरहैड टैंक के निर्माण अटके हैं। एक के लिए भूमि नहीं है। दूसरे की भूमि बाढ़ एरिया में है। बदायूं में चिह्नित जमीन पर हाईकोर्ट का स्टे है। पीलीभीत में वन भूमि होने की वजह से ओवरहैड टैंक का निर्माण अटका है। एनओसी के लिए पत्र भेजा गया है। शाहजहांपुर में भी दो स्थानों पर निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। एक भूमि सैन्य क्षेत्र के निकट है। सेना ने कार्य रुकवा दिया है। दूसरी जमीन पर नगर निगम की रोक से एक टैंक का काम अटका है। एमडी ने दूसरी जमीन तलाशने और जनप्रतिनिधियों को परियोजनाओं की फील्ड विजिट कराने के निर्देश दिए। जनप्रतिनिधियों की शिकायतों और सुझावों को तुरंत अमल में लाने की हिदायत भी दी। ब्यूरो
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