बरेली। नगर निगम ने कर प्रणाली को पारदर्शी बनाने और राजस्व में बढ़ोतरी के लिए नई पहल शुरू की है। इसके तहत अब जनता की शिकायतों का समाधान तीन दिन के भीतर करना अनिवार्य होगा। नगर निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी पीके द्विवेदी ने इस संबंध में निर्देश दिए है।
नई व्यवस्था के अनुसार, कर विभाग में आने वाली हर शिकायत के निस्तारण के लिए कर निरीक्षकों की जिम्मेदारी तय कर दी गई है। यदि तय समय सीमा के भीतर जवाब नहीं दिया गया, तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गृहकर व्यवस्था की निगरानी और कर निर्धारण में होने वाली गड़बड़ियों को रोकने के लिए कार्ययोजना तैयार की गई है। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी ने चारों जोन में औचक निरीक्षण करने का फैसला किया है, जिसके तहत हर घर की मॉनिटरिंग की जाएगी और गृहकर निर्धारण की औचक जांच होगी।
लापरवाही मिलने पर कर्मचारियों पर गिरेगी गाज
मुख्य कर निर्धारण अधिकारी ने बताया कि नई निगरानी व्यवस्था में कर अधीक्षक, टैक्स कलेक्टर (टीसी) और राजस्व निरीक्षक की सीधी जवाबदेही तय की गई है। यदि किसी भी क्षेत्र में व्यावसायिक भवनों की संख्या रिकॉर्ड में अपेक्षा से कम मिलती है या किसी भवन का गृहकर कम आंका गया पाया जाता है, तो मामले की जांच होगी।