बरेली। शहर के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों पर रविवार को आयोजित जन आरोग्य मेलों के दौरान डॉक्टर और अन्य स्टाफ अनुपस्थित मिले। कालीबाड़ी केंद्र पर फार्मासिस्ट ने मरीज देखे। कहीं लैब टेक्नीशियन के न होने से मरीजों की जांचें नहीं हो सकीं। कुछ केंद्रों पर सीमित स्टाफ के भरोसे स्वास्थ्य मेला संचालित होता मिला। इससे मरीजों को परेशानी उठानी पड़ी। इससे इतर विभाग का दावा है कि जिले के 71 स्वास्थ्य केंद्रों पर करीब चार हजार मरीजों का इलाज किया गया। त्वचा और बुखार के मरीजों की संख्या अधिक रही।
डॉक्टर संग इलाज की भी छुट्टी
शहरी स्वास्थ्य केंद्र कालीबाड़ी में तैनात डॉ. मीनू सिंह के लंबे अवकाश पर होने के कारण मरीजों की ओपीडी फार्मासिस्ट के भरोसे संचालित होती मिली। मरीजों की जांच, दवा वितरण और सामान्य परामर्श की जिम्मेदारी भी फार्मासिस्ट ने निभाई। यहां तैनात लैब टेक्नीशियन पर दो और स्टाफ नर्स पर तीन केंद्रों की जिम्मेदारी है।
सिविल लाइंस में नहीं हो सकीं जांचेंफोटो
सिविल लाइंस केंद्र पर दोपहर 12:30 बजे डॉ. अमनदीप कौर मरीज देखती मिलीं। नर्स व अन्य स्टाफ भी मौजूद मिला, लेकिन मरीजों की जांचें नहीं हो रही थीं। जानकारी करने पर पता चला कि वहां तैनात लैब टेक्नीशियन पर दो केंद्रों का प्रभार है। इसके चलते मरीजों को जांच कराने के लिए अगले दिन आने के लिए कहा गया।
मढ़ीनाथ में भी खाली मिली लैबफोटो
मढ़ीनाथ केंद्र पर दोपहर करीब एक बजे डॉ. रुचि जौहरी ओपीडी में मरीज देख रही थीं। फार्मासिस्ट अविनाश त्रिपाठी दवाओं का वितरण करते नजर आए, लेकिन लैब सूनी मिली। डॉक्टर ने बताया कि केंद्र पर तैनात लैब टेक्नीशियन पर दो केंद्रों का प्रभार है। इसके चलते सप्ताह में तीन दिन ही यहां मरीजों की जांचें हो रही हैं।
वर्जन
स्टाफ की कमी पूरी करने के लिए शासन स्तर से संविदा पर भर्तियां की जा रही हैं। जिन केंद्रों पर स्टाफ की कमी है, वहां अन्य केंद्रों से स्टाफ अटैच किया गया है, ताकि मरीजों को सुविधाओं का लाभ मिल सके। - डॉ. विश्राम सिंह, सीएमओ