बरेली। नगर निगम के अफसरों ने जनसुनवाई पोर्टल का मजाक बना दिया है। शिकायतों का झूठा निस्तारण किया जा रहा है। पार्षदों का आरोप है कि जन शिकायतों का निस्तारण कागजों पर हो रहा है। राजेंद्रनगर में जगदीश विहार चौराहे पर स्पीड ब्रेकर और चौराहे की रोटरी बनाए जाने के लिए जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत की गई थी। पोर्टल से यह प्रकरण नगर निगम को मिला। नगर निगम ने शिकायतकर्ता विशाल शर्मा को लिखित जवाब में बताया कि कार्य करा दिया, लेकिन मौके पर न तो ब्रेकर बना, न ही चौराहे पर रोटरी का निर्माण हुआ। यह महज बानगी है। ऐसे कई और मामले भी हैं।
सात दिन में पूरा होना था नाला निर्माण, तीन साल बाद भी अधूरा
केस एक
सहसवानी टोला निवासी पार्षद सरिता देवी ने बताया कि युनूस के दरवाजे से गुड्डू की परचून की दुकान तक नाला अधूरा है। वर्ष 2022 से अधूरे पड़े नाले को लेकर मोहल्ले के नसीमुर्रहमान ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की थी। जवाब में नगर निगम ने सात दिनों में निर्माण शुरू कराने की रिपोर्ट देकर शिकायत का निस्तारण दिखा दिया। फिलहाल, तीन साल बाद भी नाला अधूरा पड़ा है। पार्षद का कहना है कि ठेकेदार काम छोड़कर भाग गया। शिकायत के निस्तारण के नाम पर सिर्फ खानापूरी हो रही है।
शिकायत के बाद भी अवैध कब्जे बरकरार...बार-बार बदली रिपोर्ट
केस दो
सिकलापुर के पार्षद जयप्रकाश ने बताया कि नाले की जमीन पर अवैध कब्जे के मामले में भी कागजी निस्तारण कर कब्जेदारों को खुली छूट दी गई। मुख्यमंत्री के जनसुनवाई पोर्टल पर 15 वार शिकायतें की गईं। हर बार खानापूरी कर रिपोर्ट लगा दी गई। अगर ऐसे ही निस्तारण होना है तो शिकायत करने का कोई मतलब नहीं।
शिकायत के बावजूद नहीं बना नाला, लोग झेल रहे जलभराव
केस तीन
रिछा-जहानाबाद मार्ग से कुंडरा कोठी चौराहा से बाबाजी आरा मशीन तक सड़क के किनारे नाला नहीं है। जरा सी बारिश में यहां जलभराव हो जाता है। शिकायतों से समाधान नहीं मिला तो ग्रामीणों ने केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद के सामने मामला उठाया। तब लोक निर्माण विभाग ने जलनिकासी का अस्थायी इंतजाम कर दिया, पर स्थायी इंतजाम के लिए आज भी इंतजार है। गांव के राजीव कुमार ने बताया कि उन्होंने सीएम हेल्पलाइन 1076 पर शिकायत दर्ज कराई थी। खंड विकास अधिकारी को भी बताया था, लेकिन नाले का निर्माण आज तक नहीं हो सका।
जिन लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है, उनके बारे में मुझे अवगत कराएं। समाधान कराएंगे। अगर कहीं किसी स्तर पर कोई मामला लंबित है तो उसका भी संज्ञान लेंगे। - संजीव कुमार मौर्य, नगर आयुक्त
अमर उजाला ब्यूरो