बरेली। नगर निगम का दावा है कि प्रत्येक मंगलवार को आयोजित होने वाले संभव दिवस में आने वाली शिकायतों का निस्तारण एक सप्ताह में कर लिया जाता है। हालांकि, हकीकत इसके उलट है। शिकायत के दो महीने बाद भी फरियादी प्रकरण निस्तारित न होने को लेकर भटक रहे हैं। अफसरों की हीलाहवाली के चलते समाधान की आस भी टूट रही है। शिकायतों का दबाव भी बढ़ता जा रहा है। बुधवार को पड़ताल के दौरान शिकायतकर्ताओं से बातचीत की गई तो ऐसे कई मामले सामने आए।
चौपुला निवासी मितुल शरण ने बताया कि दो सितंबर को उन्होंने दीपमाला अस्पताल के पास वाली गली में अतिक्रमण की शिकायत नगर निगम के साथ ही पुलिस से भी की थी। दोनों विभागों के अफसर एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं। आम रास्ते को एक व्यक्ति ने बाधित कर दिया है। सैकड़ों लोग परेशान हो रहे हैं, मगर समाधान नहीं हो पा रहा।
नवादा शेखान निवासी रामऔतार ने बताया कि नाली के ऊपर स्लैब और रैंप डालकर अतिक्रमण करने वालों को नोटिस देकर खानापूर्ति कर दी गई। वह और उनकी पत्नी तीन चार बार नगर निगम तक जा चुके हैं, समाधान अब तक नहीं मिला।
चार महीने में नहीं बनी 50 मीटर की सड़क और नाली
वार्ड 55 सैदपुर हॉकिंस निवासी श्यामसुंदर वर्मा 50 मीटर गली में सड़क और नाली बनवाने के लिए चार महीने से दौड़ रहे हैं। आश्वासन मिले पर मौके पर काम शुरू नहीं हो सका। वह कहते हैं कि निर्माण न होने से जलभराव होता है। कुछ लोगों के खाली भूखंडों में पानी भर जाता है। नगर निगम सुनवाई नहीं कर रहा। ब्यूरो
संभव समाधान दिवस में आईं शिकायतों में क्या समाधान किया गया। इसकी आकस्मिक जांच की जाएगी। अगर समाधान में देरी हो रही है तो संबंधित कर्मचारी अधिकारी से जवाब लिया जाएगा। - संजीव कुमार मौर्य, नगर आयुक्त