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Bareilly News: कागजों पर शिकायत निस्तारित, मौके पर समाधान नहीं

Thu, 15 Oct 2026 12:52 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
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बरेली। नगर निगम में जनसमस्याओं के समाधान के लिए संचालित एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) पर शिकायतों के निस्तारण को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि शिकायतों का मौके पर समाधान किए बिना ही कागजों में निस्तारित दिखा दिया जा रहा है। इससे शिकायत करने वाले उपभोक्ता संतुष्ट नहीं हैं। उन्हें समस्या के समाधान के लिए बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
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शहर के 80 वार्डों में 14 लाख से अधिक लोग रहते हैं। सफाई, जलभराव, नाला-नाली और सड़क जैसी नागरिक सुविधाओं से जुड़ीं शिकायतों के समाधान की जिम्मेदारी नगर निगम की है। लोग आईजीआरएस के माध्यम से अपनी समस्याएं अधिकारियों तक पहुंचाते हैं। हालांकि, ज्यादातर शिकायतों का निस्तारण केवल पोर्टल पर दर्ज कर दिया जाता है। मौके पर स्थिति जस की तस बनी रहती है। पैरवी के बाद भी उल्टे-सीधे निस्तारण कर रिपोर्ट लगा दी जा रही है।

फाल्तूनगंज में दो साल पहले पार्षद हरिशंकर ने स्मार्ट सिटी के तहत बने नाले की शिकायत की थी। नाले का दूसरे नाले से मिलान न होने से इसका उपयोग नहीं हो रहा है। पानी भरा रहने से मच्छर पनप रहे हैं। इस शिकायत के जवाब में कहा गया कि स्मार्ट सिटी के ठेकेदार काम छोड़कर चले गए हैं। मौके पर कोई सुधार अब तक नहीं हुआ है।
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केस एक
बाग ब्रिगटान क्षेत्र के पार्षद जयप्रकाश ने शिकायत में कहा कि पुराने बस स्टॉप के बराबर करीब चार साल पहले सड़क बनी थी। बेहद घटिया क्वालिटी से बने होने के कारण बनने के कुछ समय बाद ही यह टूटने लगी। तीन साल पहले जब आईजीआरएस पर शिकायत की गई तो स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, अपर नगर आयुक्त मौके पर पहुंचे मगर निस्तारण नहीं हुआ। इसके बाद से अब तक आठ से 10 बार शिकायत की जा चुकी है। हर बार रिपोर्ट लगा दी जाती है कि अभी रोड सही है, मरम्मत जल्द कराई जाएगी।
केस दो
सिविल लाइंस निवासी मुजीब खान ने एक साल पहले श्यामगंज सब्जीमंडी के अंदर की सड़क को ठीक करने के लिए आईजीआरएस पर शिकायत की थी। यह आज तक सही नहीं हो सकी। इसके लिए कई बार पत्र दिया गया, लेकिन हर बार जल्द टेंडर कराकर मरम्मत कराने की रिपोर्ट लगा दी जाती है।
केस तीन
सूफी टोला निवासी ताहिर हुसैन ने पानी की समस्या का निस्तारण न होने की शिकायत की थी। कहा कि पाइप लाइन से आने वाला गंदा पानी पानी पीने से लोग बीमार हो रहे हैं। एक साल से अधिक समय बीत गया, अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है। नगर निगम की ओर से हर बार रिपोर्ट लगाकर नलकूप के लिए जमीन खोजने की बात कह दी जाती है।
सितंबर में खराब रहा फीडबैक, मांगा स्पष्टीकरण
बरेली। जनसुनवाई पोर्टल पर प्राप्त फीडबैक में नगर निगम के अधिकारियों का प्रदर्शन खराब रहा। इसको लेकर डीएम की तरफ से स्पष्टीकरण मांगा गया। नगर आयुक्त को कुल 58 फीडबैक प्राप्त हुए। इनमें से 20 शिकायतकर्ता निस्तारण से असंतुष्ट रहे। अपर नगर आयुक्त का सूची में दो जगहों पर नाम है। उन्हें मिले कुल 508 फीडबैक में 203 शिकायतकर्ता असंतुष्ट रहे। इन दोनों के साथ नगर निगम के कुल 19 अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। ब्यूरो
वर्जन:
आईजीआरएस की कोई शिकायत लंबे समय तक नहीं रोकी जाती। अगर किसी मामले का निस्तारण नहीं हुआ तो इसका मतलब है कि वह पेचीदा होगा। किसी शिकायतकर्ता का कोई मामला निस्तारित नहीं हुआ है तो मैं उसे दिखवाऊंगा। - संजीव कुमार मौर्य, नगर आयुक्त
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शिकायतकर्ताओं की असंतुष्टि बढ़ने से डीएम नाराज
बरेली। आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायतों के निस्तारण के बावजूद शिकायतकर्ताओं के असंतुष्ट पाए जाने पर जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने नाराजगी जताई है। कहा कि संतुष्टि फीडबैक कम से कम 85 फीसदी होना चाहिए। शिकायतों का केवल औपचारिक निस्तारण न किया जाए, बल्कि उसका वास्तविक समाधान सुनिश्चित किया जाए।
कलक्ट्रेट सभागार में बुधवार को आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि शिकायतों के निस्तारण के बाद संबंधित व्यक्ति से फीडबैक जरूर लिया जाए। असंतुष्टि का फीडबैक अधिक मिलने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कार्यप्रणाली में सुधार करने के निर्देश दिए। कुछ थानों में असंतुष्टि का फीडबैक 100 प्रतिशत मिलने पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन को निर्देश दिया कि संबंधित थानेदारों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजा जाए।
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