बवाल के बाद खंगाली गई थी आरिफ के बैंक खातों की डिटेल
इधर, 26 सितंबर को शहर में हुए बवाल को लेकर दस मुकदमे दर्ज किए गए। कुछ मामले बाद में दर्ज हुए तो वर्ष 2019 का एक मामला दोबारा विवेचना में शामिल हुआ। करीब 14 मुकदमों की विवेचना की जा रही है। बवाल के बाद चर्चा उड़ी कि आरिफ अक्सर मौलाना तौकीर की आर्थिक मदद करता था।
पुलिस अपनी जांच में इस बिंदु को भी उजागर नहीं कर सकी। सूत्र बताते हैं कि बरातघरों को बीडीए ने सील किया तो पुलिस ने भी आरिफ के बैंक खातों व मोबाइल की डिटेल खंगाली, पर कार्रवाई से परहेज करती रही। पुलिस आरिफ के खिलाफ दर्ज पुराने मामलों का हवाला देकर पल्ला झाड़ती रही।
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सीओ तृतीय पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि आरिफ के खिलाफ पुराने मुकदमे हैं, लेकिन मौलाना तौकीर रजा से संबंधित मुकदमों में उसका नाम फिलहाल नहीं है। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई बीडीए ने की है, पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिहाज से मौके पर तैनात रही। बीडीए की टीम आगे भी कोई कार्रवाई करेगी तो पुलिस बल साथ रहेगा।
ढाई साल पहले ही बनी थी मार्केट
जगतपुर रोड पर आकाशपुरम गेट नंबर-1 के पास मोहम्मद आरिफ ने अवैध दो मंजिला बिल्डिंग खड़ी की थी। इसमें 16 दुकानें थीं। वहीं के निवासी बुजुर्ग कुतुबुद्दीन ने बताया कि यह मार्केट आरिफ के नाम से ही जानी जाती थी। आरिफ ने ढाई वर्ष पहले मार्केट बनाकर दुकानों को किराए पर उठाया था। मोहम्मद इलियास ने बताया कि उन्होंने देख लिया है कि समय बदलता है। ढाई साल पहले जब आरिफ यहां दुकान बनवा रहा था तो उसका रुतबा देखते ही बनता था, लेकिन आज समय बदला और उसकी दुकानों के साथ ही रसूख भी मिट्टी में मिल गया।