बरेली। मौलाना शहाबुद्दीन रजवी की किताब ‘मुफ्ती आजम हिंद और उनके खुलफा’ के विमोचन का विवाद कोर्ट पहुंच गया है। एडीजे कोर्ट ने इस मामले में तीन उलमा के खिलाफ समन जारी कर सात फरवरी को पेश होने का आदेश किया है।
दायर वाद के मुताबिक, मौलाना शहाबुद्दीन रजवी की किताब ‘मुफ्ती आजम हिंद और उनके खुलफा’ का विमोचन 22 मार्च 2023 में केरल के तत्कालीन राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने किया था। इस पर कुछ उलमा ने एतराज जताया। दो उलमा ने जुमे की नमाज में इसके खिलाफ तकरीर भी की थी। एक ने सोशल मीडिया पर बयान जारी किया था।
इसके बाद मौलाना शहाबुद्दीन कोर्ट चले गए। इस पर एडीजे कोर्ट ने जामा मस्जिद के इमाम मुफ्ती खुर्शीद आलम, बीबीजी मस्जिद के इमाम मुफ्ती मोहम्मद उमर और रामपुर के आलिम मौलाना गुलाम मुस्तफा नईमी को नोटिस जारी कर सात फरवरी को कोर्ट में हाजिर होने का आदेश दिया है। उन पर भड़काऊ भाषण देने और लेखक की छवि धूमिल करने का आरोप है।
जामा मस्जिद के इमाम मुफ्ती खुर्शीद आलम का कहना है कि तमाम मुद्दों पर हमारी बहस होती रहती है। इस मुद्दे पर भी इल्मी बहस हुई थी। बीबीजी मस्जिद के इमाम मौलाना मोहम्मद उमर ने टिप्पणी करने से इन्कार कर दिया। वहीं, रामपुर के आलिम मौलाना गुलाम मुस्तफा नईमी ने कहा कि इल्मी एतबार से किसी बात पर अपनी राय देना ऐसा मामला नहीं है, जिसे कोर्ट में घसीटा जाए। संवाद