देशभर के मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए सीबीएसई की ओर से आयोजित नेशनल एलिजबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट) रविवार को बेहद सख्ती के बीच शहर के 14 केंद्रों पर हुआ। सख्ती का आलम यह था कि जिन अभ्यर्थियों की टीशर्ट में मेटल के बटन या स्टिकर लगे थे उनको कैंची से काट दिया गया। कुछ की टीशर्ट तो दो या तीन जगह से काटी गई। कई लड़कियां भी इसी तरह की सख्ती की चपेट में आईं। इसके चलते उनको परेशानी भी उठानी पड़ी। कुछ केंद्रों पर अभ्यर्थी जूते और सैंडिल पहनकर पहुंच गए तो उन्हें केंद्र के बाहर ही उतरवा दिया गया। अभ्यर्थियों को परीक्षा कक्ष तक नंगे पांव जाना पड़ा।
सख्ती इस कदर थी कि हाथ में पहने कलावा, रिंग, गले की चेन, लड़कियों की एयर रिंग तक उतवा दी गईं। कुछ मुस्लिम लड़कियां बुर्का पहनकर आ गई थीं तो उनका बुर्का उतरवा दिया गया। हालांकि जींस को लेकर पहले ही आगाह कर दिया गया था लिहाजा जींस में अभ्यर्थी नजर नहीं आए। ज्यादातर अभ्यर्थी लोवर और टी-शर्ट पहनकर परीक्षा देने पहुंचे। इस पर उनको परेशानी का सामना करना पड़ा क्योंकि कई में मेटल के बटन लगे थे। दूसरी तरफ अभ्यर्थियों पर इतनी सख्ती को लेकर अभिभावकों में कुछ रोष भी दिखा। उनका कहना था कि परीक्षा दस बजे से होनी है तो एंट्री एक घंटा पहले होनी चाहिए थी। जबकि पहले स्लॉट के अभ्यर्थियों को सुबह साढ़े सात बजे और दूसरे स्लॉट के अभ्यर्थियों को साढ़े आठ बजे बुलाया गया। परीक्षा के दौरान भी सख्ती बरती गई। परीक्षा देकर निकले अभ्यर्थियों का कहना था कि कान और नाक में टार्च डालकर देखा गया। बरेली के अलावा मुरादाबाद मंडल के भी अभ्यर्थी परीक्षा देने आए थे। बरेली में चौदह केंद्रों पर 8786 अभ्यर्थी पंजीकृत थे जिसमें साढ़े तीन सौ ने परीक्षा छोड़ दी। सभी केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्वक निपटी।
फिजिक्स में उलझे, केमिस्ट्री ने भी छुड़ाए पसीने
नीट का पेपर वैसे तो हर साल की तरह ही था, लेकिन अभ्यर्थियों को फिजिक्स ने खूब उलझाया। फिजिक्स के प्रश्न लंबे थे। उनको हल करने में ज्यादा वक्त लगा। पहली बार नीट दे रहीं इंजिला खान का कहना था कि बायो और केमिस्ट्री के प्रश्न ज्यादा कठिन नहीं थे, लेकिन फिजिक्स के कुछ प्रश्न काफी लंबे थे। बिशप कोनरॉड में परीक्षा देने आए अर्जुन का कहना था कि बायो में बॉटनी और फिजिक्स के प्रश्न कठिन लगे। हालांकि पेपर अच्छा हुआ। शिवम का कहना था कि उसको फिजिक्स के प्रश्न ज्यादा कठिन लगे। हालांकि एक्सपर्ट का कहना है कि पेपर हर साल की तरह ही आया। इस बार फिजिक्स के कुछ प्रश्न ज्यादा कठिन पूछे गए। प्रश्न लंबे होने के कारण कई अभ्यर्थी को प्रश्न छोड़ने पड़े। हालांकि एक नंबर की निगेटिव मार्किंग होने से ज्यादा ने गलत प्रश्न पर टिक करने का रिस्क नहीं लिया।