जिला अस्पताल में भर्ती 13 मरीजों ने शनिवार शाम अचानक अस्पताल छोड़ दिया और कलेक्ट्रेट पहुंच गये। डीएम से मिलकर इन्होंने बताया कि शुक्रवार रात ओवरलोड ट्रक और ट्रैक्टर ट्राली की टक्कर में वे गंभीर रूप से घायल हो गये थे। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन उचित इलाज न मिलने पर वे अस्पताल छोड़ कर चले आए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इस हादसे में 39 लोग जख्मी हुए थे। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने एसडीएम आंवला और सीओ मीरगंज को निर्देशित किया कि सभी घायलों को फिर से जिला अस्पताल में भर्ती कराया जाए और उचित इलाज की भी व्यवस्था सुनिश्चित करें। इसके बाद सभी घायलों को करीब सात बजे दोबारा इमरजेंसी में भर्ती कराया गया और हिदायत भी दी गई कि किसी भी मरीज के साथ लापरवाही न की जाए।
सीएमओ ने नहीं सुनी घायलों की
हादसे में घायल गुलशन, गुलफशा, शाहादत हुसैन की पुत्री नाजिया बी, साजिया, साबरी, न्याज अहमद की बेटी नाजिम, बुंदन की पुत्री अनम, रफीक की बेटी चमन, छोटे की बेटी नत्थो, अनवरी की पत्नी बेगम, अनवर की बेटी नाजिया, निसार अहमद की पत्नी गुड्डू का जिला अस्पताल की इमरजेंसी में शुक्रवार की रात से इलाज चल रहा था। सभी मरीज सुबह से ही परेशान थे। न तो कोई स्टॉफ सुन रहा था और न ही कोई डॉक्टर। कई मरीज सुबह सीएमओ डॉ. विजय यादव से भी मिलने गए लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया। तीमारदार फरियाद खां ने बताया कि उनके मरीज को सुबह से कोई दवा नहीं दी गई है। उल्टे स्टाफ ने कहा कि यहां इलाज कराने क्यों चले आए। इस मामले में ड्यूटी पर तैनात नर्स ने बताया कि घायलाें को खाने की दवा कम दी गई, इसलिए नाराजगी दिखा रहे हैं। हालांकि इस दौरान कोई डॉक्टर मरीजों से मिलने नहीं आए।