स्मार्ट सिटी की दौड़ में शामिल होने के बाद स्वच्छता सर्वेक्षण में शहर को नंबर वन का तमगा दिलाने के लिए नगर निगम भले ही पूरी ताकत से जुटने की बात कह रहा हो लेकिन सफाई व्यवस्था की स्थिति में कोई खास बदलाव नहीं दिख रहा है। स्वच्छता अभियान के प्रति जागरूकता के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए जा चुके हैं लेकिन सब बिना किसी ठोस प्लानिंग के हो रहा है। छुट्टी के दिनों में शहर में सफाई के लिए भी कोई योजना नहीं बनाई गई है। नतीजा यह है कि नगर निगम में तीन दिन की छुट्टी हुई तो शहर में कूड़े का उठान ही नहीं हुआ और सड़कों, मोहल्लों में कूड़े के ढेर लग गए। शहर की हर गली और सड़क कूड़ादान बनी नजर आई।
जीआईसी ग्राउंड
कोतवाली से बिहारीपुर की ओर जाने वाली सड़क पर जीआईसी ग्राउंड के सामने कूड़े का बड़ा सा ढेर लगा है। पास में खड़े ठेले वालों ने बताया कि छुट्टी के कारण तीन दिन से कोई कूड़ा उठाने ही नहीं आया है। लिहाजा ढेर बढ़ते जा रहे हैैं। ऐसा पहले भी कई बार हो चुका है।
बरेली कॉलेज
कालीबाड़ी रोड पर बरेली कॉलेज से कुछ आगे मंदिर के सामने भी कूड़े का ढेर लगा है। पास से निकलने वाले वाहनों में फंसकर कूड़ा सड़क तक बिखर गया है। थोड़ी-थोड़ी दूरी पर कूड़े के कई और ढेर भी लगे थे। लोगों ने बताया कि छुट्टी के दिन सफाई कर्मी आते ही नहीं हैं।
बांसमंडी
नगर निगम बाजारों में रात में सफाई करा रहा है लेकिन बांसमंडी में सफाई व्यवस्था दूर-दूर तक नजर नहीं आई। पतंग शाह की मजार के आसपास कई जगह कूड़े के ढेर लगे थे। वाहनों में फंसकर काफी कूड़ा नाली के अंदर भी गिर चुका था।
आजमनगर गेट
डलावघर के पास स्थित आजमनगर गेट के कोने में काफी कूड़ा बिखरा पड़ा है। डलावघर के अंदर भी कूड़ा मौजूद था। आसपास के दुकानदारों ने बताया कि छुट्टी की वजह से सफाई कर्मी नहीं आए। डलावघर से रविवार को कूड़ा उठाया गया था।
सिंधुनगर
ईसाईयों की पुलिया से कटरा चांद खां जाने वाले रोड पर दयावती अस्पताल के पास कूड़े का बड़ा सा ढेर लगा है। काफी कूड़ा नाले में गिर चुका है। इससे पानी का बहाव अवरुद्ध हो रहा है। यहां रखा रहने वाला कूड़ेदान भी सोमवार को कहीं नजर नहीं आया।
कूड़ा इकट्ठा कर लगा रहे आग
कूड़ा जलाने पर एनजीटी ने प्रतिबंध लगा रखा है, इसके बावजूद नगर निगम के सफाई कर्मचारी इसे लेकर गंभीर नहीं हैं। कुतुबखाना से कोहाड़ापीर रोड पर कई जगह कूड़े के ढेरों में आग लगी दिखी। व्यापारियों ने बताया कि सफाई कर्मियों ने ही कूड़ा एकत्र करके आग लगा दी ताकि उन्हें उठाना न पड़े।
इस बार तीन दिन दिन की छुट्टी के चलते कूड़ा नहीं उठ सका। हालांकि बाजारों से अवकाश में भी कूड़ा उठाया जाता है। अब मोहल्लों के लिए भी ऐसी ही कुछ प्लानिंग की जाएगी। छुट्टी के चलते जहां भी कूड़ा नहीं उठा है, मंगलवार को सब साफ हो जाएगा।
- डॉ. अशोक कुमार, नगर स्वास्थ्य अधिकारी