बरेली। दो दिन पहले कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित विदाई समारोह का सपा के वरिष्ठ नेता और सांसद आजम खां से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं था लेकिन फिर भी इस समारोह को लेकर कर्मचारियों के बीच ऐसा घमासान मचा हुआ है कि आजम खां का नाम बार-बार चर्चा में आ रहा है। दरअसल इस समारोह में कुछ पूर्व कर्मचारियों के महिलाओं पर आपत्तिजनक चुटकुले सुनाने का मामला तूल पकड़ गया है। महिला कर्मचारी इस पर बुरी तरह बिफरी हुई हैं। आजम खां की मिसाल देने के साथ उन्होंने इन पूर्व कर्मचारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मिनिस्ट्रियल कर्मचारी संघ को पत्र लिखकर महिलाओं पर टिप्पणी करने वालों को समारोह में आमंत्रित करने पर सवाल उठाया गया है, साथ ही उन पर कार्रवाई की भी मांग की गई है।
कलक्ट्रेट सभागार में 31 जुलाई को हाल ही में रिटायर हुए कर्मचारी सुरेंद्र पाल सिंह और रजब हुसैन को विदाई देने के लिए समारोह आयोजित किया गया था। कलक्ट्रेट मिनिस्ट्रियल कर्मचारी संघ की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में कुछ पूर्व कर्मचारियों को भी बुलाया गया था। कहा जा रहा है कि इन्हीं में शामिल रिटायर्ड प्रशासनिक अधिकारी रूम सिंह समेत कुछ लोगों ने महिलाओं को निशाना बनाते हुए कुछ ऐसे चुटकुले सुनाए जिनकी भाषा आपत्तिजनक थी। कार्यक्रम में काफी संख्या में महिला कर्मचारी भी मौजूद थीं जो इन चुटकुलों पर बुरी तरह असहज हो गईं। अब उन्होंने इस अभद्रता पर सवाल खड़े करते हुए कलक्ट्रेट मिनिस्ट्रियल कर्मचारी संघ की भी घेराबंदी शुरू कर दी है। कलक्ट्रेट के कर्मचारियों ने उनके साथ खड़े होकर मोर्चा खोल दिया है।
महिलाओं समेत कई कर्मचारियों ने कर्मचारी संघ के अध्यक्ष और सचिव को पत्र लिखकर इस प्रकरण पर सख्त आपत्ति जताई है। उन्होंने इस पत्र में कहा है कि जिन पूर्व कर्मचारियों ने 31 जुलाई को आयोजित समारोह में महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी की, वे ऐसी ही हरकत कुछ समय पहले भगीरथ और मसूद अहमद के विदाई समारोह में भी कर चुके हैं। अध्यक्ष और सचिव से सवाल किया गया है कि कलक्ट्रेट कर्मचारियों के विदाई समारोह में इन पूर्व कर्मचारियों को क्या जानबूझकर आमंत्रित किया जाता है। कर्मचारियों के बीच इस मुद्दे पर शुरू हुई तनातनी के बीच सपा नेता आजम खां की भाजपा सांसद रमा देवी पर टिप्पणी का भी हवाला दिया जा रहा है। कहा जा रहा है कि आजम खां जैसे वरिष्ठ नेता को अपनी इस टिप्पणी पर माफी मांगनी पड़ी, फिर भी कलक्ट्रेट में इस तरह की हरकत संघ की खामोशी महिला कर्मियों को हतोत्साहित करने वाली है। संघ को लिखे गए पत्र में इस मामले में कार्रवाई की भी मांग की गई है।