इस बार बारिश भी ज्यादा हुई
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञ डॉ. अतुल के मुताबिक इस वर्ष गर्मी के बाद बारिश भी सामान्य से ज्यादा रही। बीते वर्ष ठंड दिसंबर के दूसरे सप्ताह में शुरू हुई थी। इस वर्ष ठंड का आगाज भी नियमित रहा। मार्च तक ठंड बरकरार रहने का अनुमान है।
हवा कराएगी ठंड का अहसास
डॉ. अतुल के मुताबिक इस वर्ष बारिश का सिलसिला जुलाई से अक्तूबर चला। सामान्य से 22 फीसदी ज्यादा बारिश हुई। मिट्टी में नमी की प्रचुरता भी इस वर्ष ठंड जल्द शुरू होने की वजह बनी है। वहीं, पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से आने वाले दिनों में भी हवा ठंड का एहसास कराती रहेगी।
चटक धूप से चढ़ा पारा
शनिवार रात पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता कम होने के बाद बादल छंटे। आसमान साफ हुआ। चटक धूप निकलने से सोमवार को दिन का पारा दो डिग्री बढ़त के साथ 23.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से 1.4 डिग्री ज्यादा रहा। न्यूनतम पारा भी एक डिग्री बढ़त के साथ 6.4 डिग्री दर्ज हुआ, पर सामान्य से तीन डिग्री कम रहा।