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‘कोई भी गरीब फुटपाथ, डिवाइडर और सड़क पर सोता नहीं मिले’

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पीलीभीत। कोई भी गरीब फुटपाथ, डिवाइडर और सड़क पर सोता नहीं मिलना चाहिए। रैन बसेरों में उनके रहने के पुख्ता इंतजाम कर दिए जाएं। शासन से आए आदेश के बाद डीएम ने भी सभी निर्देशों का अविलंब पालन किए जाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए हैं। पूर्व के निरीक्षणों में कई कमियां मिलने का हवाला देते हुए डीएम ने कहा है कि सभी व्यवस्थाएं तीन दिन में हर हाल में पूरी कर ली जाएं, इसके बाद निरीक्षण में यदि कहीं कुछ कमी पाई जाती है तो संबंधित एसडीएम और ईओ को प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाएगी।
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कड़ाके की सर्दी के बीच सड़कों पर गुजर बसर करने वाले गरीबों को काफी दिक्कतें आ रही हैं। नगरपालिका और राजस्व अधिकारियों की ओर से रैन बसेरे बनाए तो गए हैं, लेकिन उनमें कोई पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। बीतें दिनों डीएम ने निरीक्षण कर इसकी हकीकत परखी थी, जिसमें कई कमियां सामने आईं। उधर, अब बर्फीली हवा के साथ ठिठुरन, गलन भी बढ़ गई है। ऐसे में रैन बसेरों को लेकर प्रशासन गंभीर हुआ है।
डीएम पुलकित खरे ने बृहस्पतिवार को दिए आदेश में कहा है कि कोई भी आश्रयहीन व्यक्ति सड़क पर सोने के लिए मजबूर नहीं होना चाहिए। उन्हें रैन बसेरों में रखा जाए। वहां पर गद्दे, बिस्तर, पेयजल, कंबल, महिला-पुरुष के अलग शौचालय की व्यवस्था होनी चाहिए। सर्दी से बचाव के लिए अलाव का इंतजाम भी रहे। केयर टेकर तैनात करके उनके मोबाइल नंबर और नाम मेनगेट पर चस्पा किए जाएं। अधिकारी रात में औचक निरीक्षण कर हकीकत परखें। चिकित्सा और रोजगार के सिलसिले में आने वाले जरूरतमंदों को भी रैन बसेरे में ठहरने की जगह मिले। पूर्व में सामने आई कमियों का तीन दिन के भीतर सुधार हो। अगर बाद में ऐसी कमी कहीं भी निकलती है तो संबंधित एसडीएम और ईओ को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के साथ ही सख्त कार्रवाई होगी।
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सामाजिक दूरी का रखें विशेष ध्यान, सैनिटाइजर का भी रहे इंतजाम
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर भी शुरू हो चुकी है। ऐसे में रैन बसेरों में कोविड-19 नियमों का पालन कराने के लिए भी गंभीरता बरतने को कहा गया है। रैन बसेरे में सामाजिक दूरी बनवाई जाए। मास्क प्रयोग और सैनिटाइजर की पर्याप्त व्यवस्था करनी होगी। अगर सामाजिक दूरी का पालन कराने में दिक्कत आए तो रैन बसेरों की संख्या तुरंत बढ़ा दी जाए।
जांच को यह अधिकारी किए गए नामित
रैन बसेरों के इंतजाम दुरुस्त करने के लिए तीन दिन का समय दिया गया है। 21 और 22 दिसंबर को व्यवस्थाओं की हकीकत परखने के लिए अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। वह जांच करेंगे। इसमें कमी मिलने पर कार्रवाई भी तय है। अभी 14 रैन बसेरे हैं। एडीएम वित्त एवं राजस्व अतुल सिंह, एडीएम न्यायिक देवेंद्र प्रताप मिश्र को सात-सात रैन बसेरों की जिम्मेदारी दी गई है। वह तय तिथि में निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट डीएम को देंगे।
सर्दी बढ़ रही है। ऐसे में जरूरतमंदों को राहत देने के लिए रैन बसेरों को शासन के निर्देशानुसार तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। कोई भी सड़क पर सोने को मजबूर नहीं होना चाहिए। अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर दी गई है। जरूरतमंद सड़क पर ठिठुुरे नहीं, प्रशासन के रैन बसेरों में पनाह लेें। कोई दिक्कत आने पर बताएं। - पुलकित खरे, डीएम
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