बरेली। बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) व आवास विकास परिषद की तरफ से सील किए गए कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी के संचालक मानक पूरे नहीं कर पा रहे हैं। इसका खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। करीब दस दिनों से उनकी पढ़ाई बाधित है। अभिभावक भी बच्चों की पढ़ाई को लेकर चिंतित हैं।
लखनऊ की कोचिंग में आग लगने से 15 छात्रों की मौत के बाद जिले में भी अभियान चलाया गया। बरेली विकास प्राधिकरण ने 15 कोचिंग और दो होटल सील किए हैं, जबकि 45 प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए गए हैं। आवास विकास परिषद ने भी आठ कोचिंग और तीन लाइब्रेरी पर कार्रवाई की है। इससे 10 हजार से अधिक छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हुई है। दो हजार से अधिक शिक्षकों की आजीविका पर भी संकट मंडरा रहा है। 10 दिन बीत जाने के बाद भी कोचिंग खुलने को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
बरेली कोचिंग एसोसिएशन से 432 संस्थान जुड़े हैं। इनमें से कई व्यावसायिक भवनों, आवासीय हिस्सों या शिक्षकों के घरों से संचालित होते हैं। प्रशासन की ओर से निर्धारित अग्नि सुरक्षा और अन्य मानकों को पूरा करने में उन्हें भारी खर्च उठाना पड़ रहा है। कम फीस लेने वाले छोटे संचालकों के लिए यह खर्च वहन करना संभव नहीं हो पा रहा है। इससे उनकी चिंताएं बढ़ गई हैं।
इन मानकों को करना होगा पूरा
- अग्निशमन के इंतजाम व विभाग की एनओसी।
- कोचिंग का व्यावसायिक भवन में ही होगा संचालन।
- विद्युत सुरक्षा विभाग से एनओसी।
- कक्षाओं के बीच एल्युमिनियम शीट का पार्टीशन।
- बीडीए, आवास विकास परिषद की एनओसी।
- प्रवेश-निकासी द्वार अलग होने चाहिए।
वर्जन
कोचिंग संचालकों को आग से बचाव की सारी व्यवस्था करनी होगी। इसके बाद ही कोचिंग संचालन की अनुमति दी जाएगी। - राजेंद्रनाथ राम, अधिशासी अभियंता, आवास विकास परिषद
प्रशासन का उद्देश्य है कि तय सुरक्षा मानकों के मुताबिक संस्थान संचालित हों, ताकि अप्रिय घटना न हो। कोचिंग व लाइब्रेरी को पुन: खोलने की अनुमति बीडीए व आवास विकास परिषद ही दे सकेंगे। - अविनाश त्रिपाठी, एडीएम सिटी