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Bareilly News: तारकोल के दाम घटे, आपूर्ति का इंतजार बढ़ा

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बरेली। पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के थमने के बाद तारकोल के दाम 86 हजार रुपये प्रति मीट्रिक टन से घटकर अब 79 हजार पर आ गए हैं। हालांकि, आपूर्ति का इंतजार अब भी कम नहीं हुआ है। आर्डर देने के बाद ठेकेदारों का न्यूनतम 15 दिन का इंतजार करना पड़ रहा है। इस वजह से निर्माण कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
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जिले में 268 करोड़ रुपये की लागत से इन दिनों 200 सड़कों का निर्माण चल रहा है। धीमे निर्माण को लेकर लोक निर्माण विभाग की ओर से 250 ठेकेदारों को नोटिस भी दिया जा चुका है। इसके बाद भी काम रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा।
सड़क से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर बड़े पैमाने पर तारकोल की जरूरत है। तारकोल की कीमत मार्च के प्रथम सप्ताह में 40 हजार रुपये मीट्रिक टन थी। इसकी कीमत अप्रैल में 86 हजार रुपये मीट्रिक टन तक पहुंच गई। यह दर जून तक बरकरार रही।
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लागत बढ़ने के डर से उस समय ज्यादातर ठेकेदारों ने आर्डर ही नहीं दिए। दाम कुछ हद तक कम होने और पीडब्ल्यूडी की ओर से भुगतान के नए नियम बनाने के बाद अब जब आर्डर बढ़े तो आपूर्ति का संकट खड़ा हो गया। ठेकेदारों को सड़क की पैचिंग के लिए तारकोल की आपूर्ति इंडियन ऑयल काॅरपोरेशन लिमिटेड की रिफाइनरी से की जाती है। यहां पर तारकोल मिलने में समस्या हो रही है।
नई नीति के तहत बढ़ी दर पर होगा भुगतान
पीडब्ल्यूडी के अफसरों के अनुसार तारकोल के बढ़े दामों पर ही भुगतान किया जाएगा। इसकी लिस्ट व खर्च अलग से बनकर विभाग में जाएगी। इसके बाद संबंधित ठेकेदार को भुगतान हो जाएगा। वहीं, ठेकेदार संघ के अध्यक्ष विजेंद्र पाल सिंह ने बताया कि आर्डर देने के बाद 15 दिन इंतजार करना पड़ रहा है। शुल्क पहले ही जमा करा लिया जा रहा है।

वर्जन :
तारकोल के दाम में कुछ कमी आई है। ठेकेदार काम करा रहे हैं। वहीं रिफाइनरी से तारकोल देरी से मिलने की शिकायत भी ठेकेदार कर रहे हैं। जिस वजह से निर्माणाधीन सड़कों में प्रगति धीमी है। -भगत सिंह, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी, प्रांतीय खंड
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