सभी लोगों ने एक जैसे ही बयान दर्ज कराए हैं। सिपाही का कहना है कि उसकी गजेंद्र से पुरानी जान पहचान है। उसने गजेंद्र से पांच हजार रुपये उधार लिए थे। वहीं गजेंद्र का कहना है कि उसने सिपाही को पांच हजार रुपये उधार दिए थे। जब यह सब आपस का मामला तो वीडियो क्यों बनाई गई, मंडल अध्यक्ष ने गजेंद्र को रुपये देने का क्यों इशारा किया, अभी इसका खुलासा नहीं हुआ है।
सीओ बिल्सी सुशील कुमार सिंह ने बताया कि वायरल वीडियो के मामले में सभी लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं। जिनके नाम आए हैं. वे लोग उधार लेनदेन का मामला बता रहे हैं। अभी गोपनीय जांच चल रही है। निष्कर्ष पर कार्रवाई की जाएगी।