रोडवेज की छह प्रस्तावित परियोजनाओं की समीक्षा कर सकते हैं मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को बरेली दौरे के दौरान रोडवेज की प्रस्तावित परियोजनाओं की भी समीक्षा कर सकते हैं। बदायूं रोड के अलावा नवाबगंज और आंवला में नए बस अड्डों के लिए अब तक निशुल्क जमीन नहीं मिल सकी है। इसके अलावा इज्जतनगर में मिनी बाइपास पर निर्माणाधीन बस अड्डे का काम भी पूरा नहीं हो सका है।
पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने आंवला और फरीदपुर में बस अड्डों के निर्माण का प्रस्ताव दिया था। इनमें फरीदपुर बस अड्डा बनकर तैयार है। मार्च 2024 में इसका लोकार्पण हो चुका है। कैंट विधायक संजीव अग्रवाल ने शहर में बदायूं रोड पर और नवाबगंज विधायक डीसी वर्मा ने नवाबगंज में बस अड्डा निर्माण का प्रस्ताव दिया था, लेकिन यहां भी उपयुक्त भूमि न मिलने से काम आगे नहीं बढ़ सका है। नवाबगंज विधायक की ओर से ही मीरगंज तक ई-बसों के संचालन का प्रस्ताव भी आगे नहीं बढ़ सका है।
इसके अलावा महापौर उमेश गौतम ने सेटेलाइट बस अड्डे का नाम पंडित राधेश्याम कथा वाचक के नाम पर रखने का प्रस्ताव दिया था। अब यह मुख्यालय स्तर पर लंबित है। क्षेत्रीय प्रबंधक मोहम्मद अजीम ने बताया कि समीक्षा बैठक के संबंध में सभी तैयारियां कर ली गई हैं।
अफसरों पर भारी पड़ सकती है स्मार्ट सिटी के कार्यों की समीक्षा
स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत पिछले नौ साल में करीब 930 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इसके बावजूद शहर को स्मार्ट बनाने का सपना अधूरा है और कई परियोजनाएं अधर में लटकी हैं। अब मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान स्मार्ट सिटी की समीक्षा बैठक में निगम के अफसर क्या जवाब देंगे।
कागजों पर 60 परियोजनाओं का काम पूरा
नगर निगम के अधिकारियों ने कागजों पर करीब 60 परियोजनाओं को पूरा दिखाया है। हालांकि, जमीनी हकीकत इसके विपरीत है और कई परियोजनाएं लचर कार्यप्रणाली के कारण अटकी हैं। टेंडर प्रक्रियाओं की पेचीदगियों ने भी इन परियोजनाओं को बाधित किया है। इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, चौड़ी सड़कें, आधुनिक पार्क और इलेक्ट्रिक बस सेवा जैसी कुछ सुविधाएं चालू हैं। इसके विपरीत, गांधी उद्यान का म्यूजिकल व लेजर फाउंटेन, अक्षर विहार और संजय कम्युनिटी सरोवर अधूरे हैं। शहर की पहली मल्टीलेवल पार्किंग और पटेल चौक पर बना स्काईवॉक भी ठप पड़े हैं। लाखों रुपये की लागत से बने 15 स्मार्ट टॉयलेट भी संचालन न होने के कारण धूल फांक रहे हैं।
समाजवादी नेता लगातार स्मार्ट सिटी के कामों पर है हमलावर
अधिकारियों के बीच तालमेल की कमी है। समय पर संचालन के टेंडर भी नहीं हो पाए हैं। इस कारण कई परियोजनाएं अपनी उपयोगिता साबित नहीं कर पा रही हैं। समाजवादी पार्टी के नेता मोंटी शुक्ला ने कई वीडियो जारी कर स्मार्ट सिटी के कार्यों में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है।
सेटेलाइट बस अड्डा के पुनर्विकास पर नए सिरे से काम
सेटेलाइट बस अड्डा का भी पुनर्विकास प्रस्तावित है। यहां पीपीपी मॉडल पर अंतरराज्यीय बस टर्मिनल बनाया जाना है, लेकिन बस अड्डे के आसपास सैन्य क्षेत्र होने के कारण सेना की एनओसी नहीं मिल पा रही। ऐसे में रोडवेज ने बस अड्डे के पुनर्विकास को नए सिरे से ब्लू प्रिंट बनाने का काम शुरू किया है।
सर्किट हाउस में चलती रहीं तैयारियां
मुख्यमंत्री सर्किट हाउस में समीक्षा बैठक करेंगे, इसे लेकर यहां लगातार तैयारियां चल रही हैं। नई इंटरलॉकिंग के साथ ही रंगरोगन भी कराया गया है। जिलाधिकारी अविनाश सिंह, एसएसपी अनुराग आर्य समेत कई अधिकारी रविवार को भी सर्किट हाउस पहुंचे और निरीक्षण किया।