वहां महापौर उमेश गौतम ने उनसे कुतुबखाना पुल को महादेव पुल का नाम देने के साथ लोकार्पण करने, नाथ महोत्सव में मुख्य अतिथि बनने के लिए आग्रह किया। मुख्यमंत्री की ओर से संकेत मिले कि अगर 28 फरवरी से पहले पुल बन जाता है और आचार संहिता नहीं लगती है तो वह आएंगे।
डमरू का लोकार्पण टला
रविवार सुबह से ही सीएम योगी के बरेली आने व आदिनाथ तिराहे पर डमरू का लोकार्पण करने की सूचना पर पुलिस तैनात रही। रात में सीएम के सर्किट हाउस जाने के बाद पुलिस को वहां से हटाया गया।
नाथ नगरी सर्किट के तहत डेलापीर तिराहे को आदिनाथ चौराहे का नाम देकर सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। यहां भगवान शिव के डमरू के प्रतीक को विशालकाय रूप में लगाया गया है। हालांकि तमाम काम अभी अधूरे हैं। रविवार सुबह से ही बरेली में सीएम के आने और डमरू के प्रतीक का लोकार्पण करने की सूचना थी। प्रशासन से मिले इनपुट के बाद पुलिस विभाग ने इसके लिए भारी भरकम तैयारी की।
एयरफोर्स स्टेशन से लेकर डमरू के आसपास तक सभी इलाकों में पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीमें बनाकर लगा दी गईं। एसपी देहात मुकेश चंद्र मिश्रा को आदिनाथ चौराहे का सुरक्षा प्रभारी बनाया गया था। यहां कई इंस्पेक्टर व पुलिस लगी थी। रात में जब सीएम सर्किट हाउस पहुंच गए और ये तय हो गया कि वह इधर नहीं आएंगे तो अधिकारी और फोर्स को मौके से हटाया गया।