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Nath Corridor: बरेली को नई पहचान देगा नाथ कॉरिडोर, फोरलेन होंगी सड़कें, मुख्यमंत्री योगी ने दिए निर्देश

Wed, 10 Jan 2024 06:34 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला नेटवर्क, बरेली

सार

बरेली में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सर्किट हाउस में नाथ कॉरिडोर परियोजना की समीक्षा की। उन्होंने योजना के कार्यों की प्रगति जानी। मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन नाथ कॉरिडोर की सड़कों को फोरलेन बनाने के निर्देश दिए हैं। 
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बरेली में सीएम योगी आदित्यनाथ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बरेली में निर्माणाधीन नाथ कॉरिडोर की सड़कों को फोरलेन बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि नाथ कॉरिडोर की भूमि का व्यावसायिक उपयोग भी किया जाए, जिससे प्राधिकरण व नगर निगम की आय में भी बढ़ोतरी हो। उन्होंने कहा कि नाथ कॉरिडोर के विकास के लिए यदि अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता हो तो तत्काल खरीद की जाए।  

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बुधवार को बरेली दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री ने यहां सर्किट हाउस में नाथ कॉरिडोर परियोजना की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि कोई भी शहर या जनपद जब तक अपनी पहचान को स्थान नहीं देगा तब तक वह समृद्ध नहीं हो सकता है। इसलिए बरेली की पहचान भगवान शिव को विशेष महत्व दिया जाना बहुत आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास कार्यों से प्रभावित मंदिर के लोगों के साथ बैठकर आपसी सहमति से मूल मंदिर व उसके मुख्य मंदिर के अतिरिक्त अन्य मंदिरों को शास्त्रीय पद्धति से स्थानांतरित किया जाए, जैसे वाराणसी में किया गया है। मंदिर परिसरों को वैदिक पद्धति पर विकसित किया जाए। 

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श्रद्धालुओं की सुविधाओं का रखा जाए ध्यान 
उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाओं जैसे- पार्किंग, पेयजल, यात्री शेड, अत्याधुनिक प्रकाश व्यवस्था एवं ध्वनि व्यवस्था, जूता स्टैंड, शौचालय आदि को मंदिर की वास्तु कला के अनुसार विकसित किया जाए। रूद्राभिषेक, भंडारा आदि के लिए भूतल पर हॉल का निर्माण किया जाए। धार्मिक अनुष्ठानों एवं कथा कर्मकांडों के लिए प्रथम तल पर बहुउद्देशीय हॉल का निर्माण किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मंदिरों में वैदिक लाइब्रेरी भी बनाई जाए। साथ ही वैदिक साहित्यों की डिजिटल फार्म में उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। प्रसाद एवं पूजन सामग्री की व्यवस्था के लिए एक समान प्रकार की दुकानों का निर्माण किया जाए। 

रिवर फ्रंट विकसित के निर्देश 
उन्होंने ये भी निर्देश दिए कि शहरी क्षेत्र में नदी, तालाब आदि जल स्रोतों का पुनरुद्धार किया जाए। रामगंगा नदी को चैनेलाइज करते हुए रिवर फ्रंट विकसित किया जाए। अमृत योजना के तहत रामगंगा नदी के जल का उपयोग शहर में पेयजल के रूप में किया जाए। इससे भू-जल सुरक्षित रहेगा तथा लोगों को पर्याप्त पेय जल भी उपलब्ध होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नाथ सर्किट का डिजिटल टूरिस्ट मैप भी तैयार कराया जाए, जिससे लोगों को यह पता चल पायेगा कि वह मंदिरों तक कैसे पहुंच सकते हैं। कॉरिडोर के विकास में स्थानीय लोगों को प्रमुखता से जोड़ा जाए ताकि वह कॉरिडोर से अपना भावनात्मक लगाव महसूस करें। 
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नाथ कॉरिडोर के तहत बनेगा परिक्रमा मार्ग 
समीक्षा बैठक में मंडलायुक्त ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि नाथ कॉरिडोर परियोजना के तहत सात प्रमुख शिव मंदिरों को आपस में जोड़ते हुए परिक्रमा मार्ग बनाया जाना प्रस्तावित है। परियोजना के अंतर्गत मंदिरों पर विभिन्न प्रकार के विकास कार्य किए जाने हैं। मंदिर परिसर में अनियोजित तरीके से स्थापित छोटे-छोटे मंदिरों व अन्य निर्माणों को पुनस्थापित कर मुख्य मंदिर को प्रमुखता दी जाएगी।
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