बरेली। नगर निगम के अफसर नालों की सफाई के दो चरण पूरे होने का दावा कर रहे हैं, पर कई इलाकों में अभी इसकी शुरुआत तक नहीं हो सकी है। नालों पर स्थायी और अस्थायी कब्जे बरकरार हैं। अब 15 दिनों में चार चरण का काम पूरा कराने की चुनौती है। अगर नगर निगम की यह सुस्ती जारी रही तो इस बार फिर शहरवासियों को जलभराव से जूझना होगा।
शहर में छोटे-बड़े 223 नाले हैं। इनमें 193 छोटे और 30 बड़े हैं। छोटे नालों की सफाई की जिम्मेदारी नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग की है। बड़े नालों की सफाई निर्माण विभाग के हवाले है।
अभी तक किसी नाले की तलीझाड़ सफाई नहीं हो सकी है। अब 15 दिनों में काम पूरा हो पाना काफी मुश्किल है। ब्यूरोः भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने जिलाधिकारी कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर बताया कि फाइक एन्क्लेव नाले पर अवैध कब्जे हैं। बरातघर से लेकर निजी अस्पताल संचालित करने वालों ने पक्की स्लैब डलवा दी है। इससे सफाई बाधित हो रही है। भाकियू के जिला प्रवक्ता हाजी एम इकबाल ने कहा कि नगर निगम नालों से अवैध कब्जे हटाने का दावा कर रहा है, लेकिन हकीकत में कुछ लोगों के कब्जे हटाए गए हैं तो कुछ लोगों को छोड़ दिया गया है। इससे सफाई अभियान प्रभावित हो रहा है।