बरेली। इंटरसिटी एक्सप्रेस का एसी चेयरकार कोच दूसरे दिन भी नहीं बदला गया। इस वजह से शुक्रवार को भी दिल्ली-बरेली के बीच 72 यात्रियों को एसी श्रेणी का कन्फर्म टिकट होने के बावजूद नॉन एसी स्लीपर कोच में यात्रा करनी पड़ी।
14315 बरेली-दिल्ली इंटरसिटी एक्सप्रेस को बृहस्पतिवार को एसी चेयरकार कोच के स्थान पर नॉन एसी स्लीपर बोगी लगाकर रवाना किया गया था। बरेली जंक्शन पर एसी चेयरकार कोच उपलब्ध नहीं था। दिल्ली में भी एसी चेयरकार कोच नहीं मिला तो शुक्रवार को 14316 दिल्ली-बरेली इंटरसिटी एक्सप्रेस को दिल्ली से भी नॉन एसी स्लीपर कोच के साथ चलाया गया। सी-2 एसी चेयरकार कोच में 72 यात्रियों के कन्फर्म टिकट थे। इन यात्रियों को दिल्ली-बरेली के बीच नाॅन एसी बोगी में यात्रा करनी पड़ी। तापमान बढ़ने के साथ ही ट्रेनों में एसी खराब होने और कोच में पानी खत्म होने की शिकायतें बढ़ने लगीं हैं।
दिल्ली-लखनऊ रेल रूट के किसी स्टेशन पर आधुनिक एसी मेंटीनेंस शेड न होने के कारण कई बार जुगाड़ से एसी चलाकर ट्रेनों को रवाना किया जाता है। बरेली जंक्शन पर इन दिनों रोज कोच का एसी खराब होने की औसतन पांच शिकायतें आ रही हैं। यहां दूसरे एसी कोच भी उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में यात्रियों की समस्या का समाधान नहीं हो पाता है। संवाद