बरेली शहर की हवा अब और शुद्ध हो रही है। यह अहसास नहीं, आंकड़ों से साबित हकीकत है। स्वच्छ वायु सर्वेक्षण की रैंकिंग में 11 पायदान की छलांग लगाकर हम राष्ट्रीय स्तर पर 18वें से सातवें पायदान पर आ गए हैं। हमने नोएडा को मात दे दी है, पर मुरादाबाद और झांसी में हवा की गुणवत्ता बरेली से बेहतर है।
तीन से 10 लाख की आबादी वाले 42 शहरों को इस रैंकिंग में शामिल किया गया है। राज्य की वायु गुणवत्ता निगरानी समिति और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से प्राण पोर्टल पर दर्ज ब्योरे के आधार पर मूल्यांकन कर यह रैंकिंग जारी की गई है।
इस आधार पर जारी होती है रैंकिंग
नगर निगम के पर्यावरण अभियंता राजीव कुमार राठी ने बताया कि सूची में महाराष्ट्र का अमरावती पहले, उप्र के मुरादाबाद व झांसी संयुक्त रूप से दूसरे और राजस्थान का अलवर तीसरे स्थान पर है। वायु गुणवत्ता को बेहतर करने के लिए वर्ष 2022 से शहर में राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम को लागू किया गया है। इसके तहत पौधे लगाने, वाहनों का प्रदूषण कम करने और कूड़ा निस्तारण के साथ जन जागरूकता के लिए किए गए कार्यों के आधार पर रैंकिंग जारी की जाती है।
तीन से 10 लाख आबादी वाले टॉप टेन शहर
शहर स्कोर रैंक
अमरावती 200 1
मुरादाबाद 198.5 2
झांसी 198.5 2
अलवर 197.6 3
भुवनेश्वर 196.5 4
गोरखपुर 195 5
फिरोजाबाद 195 5
गुंटूर 192 6
बरेली 189.5 7
उल्लासनगर 187.5 8
नोएडा 184.2 9
कटक 182.5 10
(यह स्कोर 200 पूर्णांक पर है)
प्रोत्साहन के लिए मिल चुके हैं 27 करोड़
शुद्ध हवा के लिए बेहतर काम करने पर तीन महीने पहले बरेली को 27 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि मिल चुकी है। इससे वायु स्वच्छता के लिए मुख्य मार्गों के दोनों और टाइल्स लगाने के कार्य प्रस्तावित किए गए हैं।
बरेली शहर
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नगर आयुक्त संजीव मौर्य ने कहा कि नियमित सफाई, धूल नियंत्रण, कचरा प्रबंधन, और वाहनों के प्रदूषण पर नियंत्रण से वायु गुणवत्ता में सुधार तो हुआ है, लेकिन अभी बहुत काम बाकी है। लोगों से आग्रह है कि कूड़ा न जलाएं। स्वच्छता में अपनी भागीदारी बढ़ाएं। सभी विभागों के बीच समन्वय और जनता की सक्रिय भागीदारी से ही हवा की सेहत सुधरेगी।
महापौर उमेश गौतम ने कहा कि टॉप-थ्री शहरों में आने का लक्ष्य है। नागरिकों से प्रदूषण कम करने के लिए प्रयास करने की अपील है। निर्माण कार्यों के दौरान धूल न उड़ने पाए, संबंधित फर्म या व्यक्ति इसका ध्यान रखें। साथ ही, वाहनों की प्रदूषण संबंधी जांच समय-समय पर कराते रहें। शहर की वायु को स्वच्छ बनाना हम सबकी जिम्मेदारी है।