कांग्रेस का नया जिलाध्यक्ष बनाने से पहले जिले के कांग्रेसियों की नब्ज टटोलने के लिए डाक बंगले में मंगलवार को बैठक में बवाल हो गया। चयन समिति के सदस्यों प्रदेश कांग्रेस सचिव कुमुंद गंगवार और राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. हिलाल अहमद के सामने कांग्रेस के दो धड़ों के बीच जमकर लात-घूंसे चले।
इससे वहां भगदड़ मच गई। करीब पौन घंटे तक ड्रामा चला। एसडीएम, सीओ सिटी और प्रभारी निरीक्षक सदर मौके पर पहुंच गए और समझा बुझाकर दोनों पक्षों को शांत कराया।
मंगलवार को कांग्रेस जिलाध्यक्ष चयन समिति की बैठक कांग्रेस कमेटी के सचिव जनपद प्रभारी कुमुंद गंगवार की अध्यक्षता में होनी थी। नब्ज टटोलने के लिए कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को भी बुलाया गया था। इस वजह से लखीमपुर शहर के अलावा निघासन, पलिया, मोहम्मदी, गोला समेत अन्य तहसीलों और ब्लॉकों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी आए थे।
चयन समिति की बैठक डाक बंगले में चल रही थी। बैठक में राष्ट्रीय प्रवक्ता हिलाल अहमद भी मौजूद थे। बैठक के दौरान पार्टी पूर्व सांसद जफर अली नकवी और निवर्तमान जिलाध्यक्ष राघवेंद्र बहादुर सिंह के धड़ों के बीच बंटी दिखी। यह इससे भी जाहिर हो गया कि मौजूदा राघवेंद्र सिंह ने मीडिया को प्रेसवार्ता का समय दोपहर डेढ़ बजे का दिया था, लेकिन पूर्व सांसद खेमे की ओर से दोपहर 12 बजे ही प्रेस वार्ता बुला ली गई।
प्रदेश सचिव जनपद प्रभारी कुमुंद गंगवार प्रेसवार्ता शुरू करते, उससे पहले ही राघवेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि पूर्व सांसद जफर अली नकवी ने कांग्रेस को नाश कर दिया है। आगे बोले-जफर अली ने वरिष्ठ नेता जितिन प्रसाद को सार्वजनिक रूप से गालियां दी हैं, इसे वह बर्दाश्त नहीं कर सकते और सार्वजनिक रूप से जिलाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे देंगे।
राघवेंद्र सिंह के इतना कहते ही प्रेस वार्ता में मौजूद पूर्व सांसद के पुत्र सैफ अली, मोनिश अली सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता बिफर पड़े। दोनों गुट आमने-सामने आ गए। गाली-गलौज के साथ धक्का-मुक्की होने लगी और लात-घूसे चलने लगे। इससे वहां भगदड़ मच गई। इस दौरान कुछ लोगों ने वहां रखी प्लास्टिक की कुर्सी तोड़ दी। बेड पर पड़ी चादर आदि फेंक दी। प्रदेश सचिव कुमुंद ने दोनों गुटों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। एक-दूसरे पर जमकर लात-घूसे बरसाते रहे। ज्यादातर कार्यकर्ता डाक बंगले के बाहर बैठकर तमाशा देखते रहे।
वहीं एक गुट के लोग नारेबाजी करने लगे। डाक बंगले में करीब पौन घंटे तक ड्रामा चला। बवाल की सूचना पर एसडीएम सदर डॉ. अरुण कुमार सिंह, सीओ सिटी विजय आनंद और प्रभारी निरीक्षक प्रभारी निरीक्षक सदर अजय प्रकाश मिश्रा मौके पर पहुंचे। अफसरों ने समझा बुझाकर दोनों पक्षों को शांत कराया। हालांकि किसी ने कोई तहरीर नहीं दी है।
राघवेंद्र ने झगड़े के बाद इस्तीफे की घोषणा की
राघवेंद्र बहादुर सिंह ने झगड़े के बाद जिलाध्यक्ष पद का काम न देखने की घोषणा की, बोले मैं इस्तीफा देता हूं। उन्होंने कहा कि पूर्व सांसद ने डेढ़ बजे की
बजाय 12 बजे प्रेस वार्ता का समय दिया। इससे गलत मेसेज गया। मैंने इस पर आपत्ति जताई। मैंने पूरी संजीदगी से पार्टी की सेवा की है।
बोले, प्राथमिक सदस्यता से नहीं बल्कि जिलाध्यक्ष पद सार्वजनिक घोषणा कर पद छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि पूर्व सांसद नकवी सूरज सिंह को जिलाध्यक्ष बनाना चाहते हैं। इसी को लेकर कार्यकर्ताओं में रोष है।
पूर्व सांसद पर इल्जाम लगाना गलत: सैफ अली
पूर्व सांसद जफर अली के बेटे सैफ अली ने कहा कि जिलाध्यक्ष राघवेंद्र बहादुर सिंह ने मेरे पिता पूर्व सांसद पर गलत इल्जाम लगाए हैं। आपत्तिजनक शब्द कहे। इससे कार्यकर्ता आक्रोशित हुए।
जो हुआ वह बहुत दुखद : कुमुंद गंगवार
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव जनपद प्रभारी कुमुंद गंगवार काफी आहत दिखे। उन्होंने कहा कि जो कुछ हुआ, वह काफी दुखद है। गलत विचाराधारा के लोग बीच में आ गए। इसलिए ऐसी बात हुई। उन्होंने घटना की सूचना शीर्ष नेतृत्व को दे दी है। वह अपनी रिपोर्ट भी पार्टी को सौपेंगे। क्या करना है, इस पर पार्टी ही निर्णय लेगी। सिर्फ कहासुनी हुई है, मारपीट नहीं हुई।