बरेली। सिविल एन्क्लेव और एयरफोर्स कैंपस के बीच टैक्सी वे की लीज के लिए एनओसी जारी होने के बाद करीब आठ महीने गुजर चुके हैं लेकिन एयरपोर्ट अथॉरिटी ने अब रक्षा विभाग को लीज के किराये के करीब एक करोड़ रुपये का भुगतान नहीं किया है। रक्षा विभाग की ओर से इस बीच न सिर्फ 10 से ज्यादा रिमाइंडर भेजे जा चुके हैं बल्कि किराये का भुगतान न करने पर कार्रवाई की चेतावनी तक दी जा चुकी है मगर एयरपोर्ट अथॉरिटी की ओर से एक भी नोटिस का जवाब नहीं दिया गया। एयरपोर्ट अथॉरिटी के रवैये से अब बरेली से उड़ान की शुरुआत में फिर कोई नया पेच फंसने की आशंका जताई जा रही है।
केंद्र सरकार की ओर से दो जनवरी को टैक्सी वे की लीज के लिए एनओसी जारी की गई थी और लीज का किराया वसूलने के लिए क्षेत्रीय रक्षा विभाग कार्यालय को अधिकृत कर दिया गया था। एयरपोर्ट अथॉरिटी की ओर से अब तक लीज के किराये के तौर पर रक्षा विभाग को एक भी पैसे का भुगतान नहीं किया है। इस बीच रक्षा विभाग पिछले आठ महीने में तमाम बार एयरपोर्ट अथॉरिटी के संयुक्त महाप्रबंधक तमाम रिमाइंडर नोटिस भेज चुका है। रक्षा विभाग के मुताबिक इनमें से एक भी नोटिस का जवाब नहीं दिया गया है। किराये का भुगतान न होने से अब नया पेच भी फंसता नजर आने लगा है। हाल ही में जब बरेली से उड़ान शुरू करने की तैयारियां शुरू हुई हैं तो रक्षा विभाग की ओर से किराये का भुगतान न करने पर कार्रवाई करने की भी चेतावनी दे दी गई है। एयरपोर्ट अथॉरिटी के नोटिस का जवाब न देने पर रक्षा विभाग की ओर से यह मामला उच्चाधिकारियों को भी भेज दिया गया है।
लीज का किराया नहीं दिया तो उड़ान
शुरू करने को नहीं मिलेगी एनओसी
सूत्रों के मुताबिक जनवरी में टैक्सी वे के निर्माण के लिए रक्षा मंत्रालय ने वर्किंग ऑर्डर जारी कर दिया था। टैक्सी वे के निर्माण पर कोई अड़ंगा नहीं है लेकिन उड़ान शुरू करने के लिए भी एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया को एनओसी चाहिए। इस एनओसी के लिए यह बाध्यता भी लागू होगी कि लीज के किराये समेत लीज के लिए तय हुई सभी शर्तों का पहले पूरी तरह पालन किया गया हो। ऐसे में किराये का भुगतान न होने पर उड़ान भरने के लिए एनओसी मिलने में नया पेच फंसना तय माना जा रहा है।
प्रीमियम का नहीं करना पड़ेगा भुगतान
रक्षा विभाग ने पहले पांच साल की लीज के मूल किराये एक करोड़ रुपये के साथ प्रीमियम धनराशि के एक करोड़ रुपये भी जोड़े थे जिसके मुताबिक एयरपोर्ट अथॉरिटी को करीब दो करोड़ रुपये का भुगतान करना था। बाद में एयरपोर्ट अथॉरिटी ने जनहित का हवाला देते हुए रक्षा विभाग से प्रीमियम खत्म करने का आग्रह किया। उच्चाधिकारियों की संस्तुति के बाद प्रीमियम धनराशि को कम कर दिया गया। किराया आधा होने के बाद अब अथॉरिटी को सिर्फ मूल किराये का भुगतान करना है।
सितंबर में अपना फैसला बताएगी एलाइंस
बरेली को विमान सेवा से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार की ओर से जारी 78 नए रूटों में बरेली-दिल्ली को भी शामिल करने से यहां बने सिविल एन्क्लेव से जल्द उड़ान शुरू होने की उम्मीद जगी है। एयरपोर्ट अथॉरिटी के सूत्रों के मुताबिक पिछले दिनों दौरा करने आई एलाइंस कंपनी का सितंबर की शुरुआत में ही जवाब आ सकता है। बताते हैं कि एलाइंस की टीम ने दौरा करने के बाद केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय को सकारात्मक रिपोर्ट सौंपी है।
रक्षा विभाग की ओर से लीज के किराये की मांग करने का मामला नागरिक उड्डयन मंत्रालय भेज दिया गया है। जैसे ही वहां से अनुमति मिलेगी, रक्षा विभाग को उसके आधार पर भुगतान कर दिया जाएगा। - राजीव कुलश्रेष्ठ, संयुक्त महाप्रबंधक एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया