बरेली। गृह मंत्रालय के सख्ती दिखाने पर भिटौरा में बीएसएनएल एक्सचेंज का काटा गया बिजली कनेक्शन आनन-फानन में जोड़ दिया गया। इसके बाद एक महीने से बंद पड़ीं बीएसएफ और बैंकों की टेलीफोन और इंटरनेट लाइनें भी शुरू हो गई हैं। हालांकि बिजली के बिल की अदायगी न होने के कारण दूसरे एक्सचेंजों के काटे गए कनेक्शन नहीं जोड़े गए हैं।
पिछले महीने बिजली का बिल बकाया होने पर भिटौरा समेत 51 एक्सचेंज और तमाम मोबाइल टॉवरों के कनेक्शन काट दिए गए थे। बिजली विभाग की इस कार्रवाई से आईटीबीपी, बीएसएफ इफको, तमाम बैंकों के साथ बीएसएनल की भी इंटरनेट, टेलीफोन और लीज लाइनें ठप हो गईं। बीएसएफ अफसरों की ओर से चिट्ठी लिखे जाने के बाद भी बीएसएनएल अफसरों ने ध्यान नहीं दिया तो मामला गृह मंत्रालय पहुंचा। वहां से जिला प्रशासन से पूछताछ हुई तो डीएम ने बिजली अफसरों को हड़काया। इसके बाद शनिवार को भिटौरा एक्सचेंज का कनेक्शन जुड़ गया। इससे एक्सचेंज से जुड़े सभी प्रतिष्ठान और बीएसएफ आदि की ठप संचार व्यवस्था सुचारु हो गई है, लेकिन आईटीबीपी समेत कई महत्वपूर्ण संस्थान अब भी दिक्कत से जूझ रहे हैं।
.. तो जुगाड़ से हो रहा काम
वित्तीय संकट से जूझते बीएसएनएल के मुख्य महाप्रबंधक पश्चिमी उत्तर प्रदेश सर्किल की मनमानी से 51 एक्सचेंज ठप पड़े हैं। प्रभावित इलाकों से शिकायतें आने के बाद बीएसएनएल ने जुगाड़ से काम कराना शुरू कर दिया। सुबह दस से शाम पांच बजे तक ही जनरेटरों से कुछ प्रमुख एक्सचेंज चलवा रहे हैं। संजय कम्यूनिटी हाल एक्सचेंज से जुड़े उपभोक्ता विनय कुमार, सोनू खंडेलवाल आदि ने बताया कि सुबह दस बजे के बाद उनके टेलीफोन चालू होकर साढ़े पांच शाम बंद हो जाते हैं। इसकी कई बार शिकायत करने पर बीएसएनएल अफसर कुछ भी नही कर रहे हैं।
बिजली का बिल बकाया होने से 51 एक्सचेंज और टॉवरोें के कनेक्शन कनेक्शन कट गए हैं। बिजली अफसर सहयोग नहीं कर रहे हैं। डीएम की सख्ती के बाद भिटौरा एक्सचेंज शुरू हो गया है, कुछ स्थानों पर जनरेटर से काम कराया जा रहा है। - चरण सिंह, जीएम, बीएसएनएल