बरेली। बरेली विकास प्राधिकरण के कर्मचारियों की सांठगांठ से शहर में बनने वाले अवैध भवनों पर अब प्रभावकारी तरीके से रोक लग सकेगी। इसके तहत बीडीए अब अवैध भवन निर्माण कराने वाले बिल्डरों के अलावा ऐसे कर्मचारी जिनकी अनदेखी या सांठगांठ के चलते ये भवन बने, उन पर भी बड़े स्तर पर कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। पिछले दिनों इज्जतनगर में एक कंस्ट्रक्शन कंपनी के अपार्टमेंट को सीज करते हुए बीडीए वीसी चार अभियंताओं को निलंबित कर चुकी हैं। बताया जाता है कि अभी अन्य कई भवनों पर भी बीडीए कार्रवाई की तैयारी में है। बिल्डरों से सांठगांठ रखने वाले कई अन्य अभियंताओं-कर्मचारियों पर भी गाज गिर सकती है।
पिछले दस वर्षों के दौरान करीब सौ से अधिक बड़े अस्पताल, शापिंग मॉल, अपार्टमेंट आदि प्राधिकरण को धोखे में रखकर बना दिए गए। नक्शा और प्लाट का क्षेत्रफल कुछ दिखाया गया और मौके पर कुछ और ही मिला। इस दौरान कवर्ड एरिया पर लगने वाले प्रोसेसिंग फीस के मद में बीडीए को करोड़ों का चूना लगाने की बात सामने आई। इसी बीच कुछ सामाजिक संगठनों ने भी बिल्डरों के साथ बीडीए के उन कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग शुरू कर दी जिनकी बिल्डरों से सांठगांठ रही। इस महीने के शुरूआती दिनों में ही बीडीए ने ऐसे सभी कर्मचारियों की आंतरिक जांच शुरू कर दी। इज्जतनगर मेें कंस्ट्रक्शन कंपनी के अपार्टमेंट को सीज करते वक्त बीडीए ने अपने चार अभियंताओं को भी निलंबित कर दिया। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों मेें तीन से चार अन्य अभियंताओं पर भी गाज गिर सकती है।
बीडीए में लगातार पारदर्शिता लाने की कोशिश की जा रही है। इस दिशा में पिछले दिनों आई शिकायत के आधार पर न केवल कंस्ट्रक्शन कंपनी के अपार्टमेंट पर कार्रवाई की गई बल्कि प्राधिकरण के अभियंताओं के निलंबन के लिए भी शासन को लिखा गया। आगे भी शिकायतों के आधार पर लगातार जांच जारी रहेगी। दोषी पाए जाने पर संबंधित कर्मचारी पर कार्रवाई की जाएगी। - दिव्या मित्तल, वीसी, बीडीए