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हंगामे का असर, डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन अब रविवार को भी

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बरेली। नगर निगम बोर्ड की बैठक में सफाई के नाम करोड़ों का बजट फूंकने के बावजूद शहर में हर तरफ गंदगी होने के मुद्दे पर हंगामा होने के बाद डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन अब सप्ताह में छह के बजाय सातों दिन करने का फैसला लिया गया है। इसके तहत घरों से रविवार को भी कूड़ा उठाया जाएगा। शहर के सभी 80 वार्डों में यह योजना इसी महीने लागू कर दी जाएगी।
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नगर निगम बोर्ड की बैठक में पार्षदों ने सवाल उठाया था कि डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन पर तीन करोड़ से अधिक बजट खर्च होने के बावजूद घरों से कूड़ा नहीं उठ रहा है। अफसरों की ओर से कोई निगरानी न होने की वजह से ज्यादातर इलाकों में कर्मचारी कूड़ा उठाने ही नहीं पहुंचते। जिन इलाकों में थोड़ा-बहुत कूड़ा कलेक्शन होता है, वहां भी कर्मचारी नियमित नहीं हैं। रविवार की छुट्टी के बाद अक्सर सोमवार को भी कर्मचारी नदारद रहते हैं। रात की सफाई पर 13 करोड़ रुपये का बजट खर्च करने पर भी सवाल उठे थे। पार्षदों के विरोध के बाद अब नगर निगम ने रविवार को भी घरों से कूड़ा उठाने की योजना बनाई है।
सफाई कर्मचारियों के तय होंगे फेरे
नगर निगम कूड़ा कलेक्शन के लिए फेरे निर्धारित करेगा। एक कूड़ा कर्मचारी दिन में दो बार कूड़ा उठाएगा। अफसरों का कहना है कि लोगों को कर्मचारी का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। बस निर्धारित समय पर खुद घर के बाहर कूड़ा रखना होगा। दूसरा फेरा इसलिए लगवाया जा रहा है ताकि अगर एक फेरे में कुछ घरों से कूड़ा न उठ पाए तो दूसरे फेरे में उन घरों को कवर किया जा सके। इसके अलावा मॉनिटरिंग सिस्टम भी मजबूत किया जाएगा।
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डोर टू डोर का बजट दो करोड़ और बढ़ा
नगर निगम डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए हर साल एजेंसी को ठेका देती है। एजेंसी ने डेढ़ सौ घरों से कूड़ा कलेक्शन के लिए एक कर्मचारी रखा है। सप्ताह में छह दिन कूड़ा उठाने के नियम हैं लेकिन आम शिकायत है कि वीआईपी वार्डों को छोड़कर कहीं कूड़ा कलेक्शन केे लिए कर्मचारी नहीं पहुंच रहे। वीआईपी वार्ड का यूजर चार्ज सौ रुपये है और दूसरे इलाकों का 50 रुपये। ऐसे में लोगों को खुद घरों के आसपास कूड़ेदान तलाशने पड़ते हैं और कूड़ा वहां फेंकना पड़ता है। इस व्यवस्था पर नगर निगम अब तक तीन करोड़ रुपये खर्च कर रहा था लेकिन इस बार पांच करोड़ रुपये का बजट तय हुआ है। रात की सफाई पर 13 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
23 सौ सफाईकर्मी और ढाई सौ
कूड़ा वाहन, फिर भी सफाई नहीं
नगर निगम के पास नियमित सफाई के लिए लगभग 2300 सफाई कर्मचारी हैं। इनमें कई कर्मचारियों को चालक की जिम्मेदारी दे दी गई जो गाड़ियों से कूड़ा उठाकर बाकरगंज तक पहुंचाते हैं। इसके अलावा लगभग 250 कूड़ा गाड़ियां हैं जिनमें करोड़ों का डीजल खर्च होता है। इसके बावजूद सफाई व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। पिछली बोर्ड बैठक में पार्षद राजेश अग्रवाल, गौरव सक्सेना आदि ने यह मुद्दा उठाया था।
होटलों में कूड़ा कलेक्शन दिन में दो बार
नगर निगम बोर्ड की बैठक के बाद निर्णय लिया गया है कि होटल और दूसरे व्यवसायिक प्रतिष्ठानों पर कूड़ा कलेक्शन दिन में दो बार होगा। इसके लिए समय निर्धारित किया जाएगा। शुल्क बढ़ेगा या कम होगा, उसका निर्धारण होना बाकी है।
वर्जन---
डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन अब रविवार को भी होगा। हर घर से सप्ताह में सातों दिन कूड़ा उठेगा। इस योजना को इसी माह में इसे मंजूरी दे दी जाएगी। मॉनिटरिंग सिस्टम भी मजबूत किया जाएगा। - डॉ. उमेश गौतम, मेयर
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