सॉलिड वेस्ट प्लांट के लिए बहगुलपुर में जमीन खरीद मामले में शासन ने कार्रवाई को मांगे साक्ष्य
श्रीवास्तव को मेयर को परोक्ष लाभ पहुंचाने का आरोपी बताते हुए पॉल ने शासन को भेजी थी रिपोर्ट
बरेली। छह साल पहले बंद हुआ रजऊ परसपुर का सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट अब दोबारा शुरू होगा या नहीं, यह तो शायद किसी को नहीं पता लेकिन पूर्व नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन और मेयर के बीच शुरू हुई जंग इस प्लांट के बहाने अब तक जारी है। जाते-जाते पॉल प्लांट के लिए बहगुलपुर में जमीन खरीद की प्रक्रिया में स्टांप चोरी के मामले मेयर के वफादार माने जाने वाले अपने पूर्ववर्ती नगर आयुक्त राजेश श्रीवास्तव को मुश्किल में फंसा गए हैं। श्रीवास्तव पर कार्रवाई के लिए शासन के आदेश पर कमिश्नर ने नगर आयुक्त अभिषेक आनंद से जरूरी साक्ष्य मांगे हैं।
रजऊ परसपुर में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के खिलाफ इन्वर्टिस यूनिवर्सिटी के चांसलर की हैसियत से उमेश गौतम ने मेयर बनने से पहले ही मुहिम शुरू की थी। मामला एनजीटी में पहुंचने के बाद यह प्लांट 2014 में बंद कर दिया गया और तबसे बंद ही पड़ा है। उमेश गौतम ने इसके बाद अक्टूबर 2017 में इस प्लांट को रजऊ से हटाकर शिफ्ट करने के लिए फरीदपुर के गांव बहगुलपुर में किसानों से करीब 125 बीघा जमीन खरीदकर नगर निगम को दान की थी। किसानों को इस जमीन की कीमत उमेश गौतम ने ही चुकाई थी मगर उसकी रजिस्ट्री सिर्फ सौ रुपये के स्टांप पर राज्यपाल के नाम कराई गई। हालांकि इसके लिए राज्यपाल या उनकी ओर से नामित किसी सक्षम अधिकारी से अनुमति नहीं ली गई। तत्कालीन डीएम आर विक्रम सिंह से जरूर बतौर सहमति एक आदेश पत्र साइन करा लिया गया।
पूर्व मेयर डॉ. आईएस तोमर ने इस प्रक्रिया को गलत बताते हुए आपत्ति की गई थी। इसके बाद एआईजी स्टांप ने नगर निगम को स्टांप ड्यूटी जमा करने के लिए नोटिस भेजा। नगर निगम ने स्टांप ड्यूटी अदा नहीं की तो वाद दर्ज कर लिया गया। इसके बाद 30 अक्तूबर 2018 को मामले में नगर निगम पर 2300 रुपये जुर्माना और 7,41,450 रुपये स्टांप शुल्क जमा करने के निर्देश दिए गए। यह राशि नगर निगम ने स्टांप विभाग में जमा करा दी। इस दौरान यहां राजेश श्रीवास्त बतौर नगर आयुक्त थे जो मेयर बन चुके उमेश गौतम के काफी नजदीकी और वफादार माने जाते थे?
कुछ महीने बाद सैमुअल पॉल एन नगर आयुक्त बने और यहां तैनाती के फौरन बाद उनका मेयर से टकराव शुरू हो गया और फिर दिसंबर में यहां विदाई होते-होते भी यह सिलसिला रुका नहीं। जाते-जाते पॉल ने बहगुलपुर की जमीन खरीद में स्टांप चोरी की चुपचाप रिपोर्ट तैयार कराई और 20 अक्तूबर को शासन को भेज दी। इसमें उन्होंने राजेश श्रीवास्तव के खिलाफ इन्वर्टिस यूनिवर्सिटी के चांसलर और मेयर उमेश गौतम को परोक्ष रूप से लाभ पहुंचाने का दोषी बताते हुए उनके खिलाफ अनुशानात्मक कार्रवाई की संस्तुति भी कर दी। अब नगर विकास विभाग के विशेष सचिव संजय कुमार सिंह यादव ने कमिश्नर से कार्रवाई के लिए तथ्यात्मक अंतिम रिपोर्ट मांगी है।
अभिषेक आनंद के लिए भी खड़ी कर दी मुश्किल
पूरे शहर को भूलकर सिर्फ मेयर को निशाना बनाने में जुटे रहे सैमुअल पॉल एन जाते-जाते मौजूदा नगर आयुक्त अभिषेक आनंद के लिए भी दुविधा की स्थिति पैदा कर गए हैं। अभिषेक आनंद की बरेली में तैनाती के बाद टकराव का दौर कुछ थमता दिख रहा था लेकिन पॉल साहब जो बीज बो गए हैं, आने वाले समय में वे क्या रंग दिखाएंगे यह तभी पता चलेगा जब राजेश श्रीवास्तव के खिलाफ रिपोर्ट शासन को जाएगी। शासन के आदेश की खबर फैलने के बाद नगर निगम में यह मामला चर्चा का विषय बना रहा।