बरेली। बुलंदशहर से बरेली ट्रांसफर होकर यहां एसपी सिटी पद की जिम्मेदारी संभाल रहे रवींद्र कुमार आपराधिक सूचनाओं और मदद के लिए आने वाली कॉल्स और मेसेज से परेशान हो गए हैं। शायद तभी उनके व्हाट्सएप स्टेट्स पर इस बारे में सचेत किया गया है। संवेदनशील शहर के महत्वपूर्ण जिम्मेदारी वाले पद पर तैनात अफसर के स्टेट्स की जानकारी वरिष्ठ अफसरों तक पहुंची है। वह भी स्थिति से हैरान हैं।
2016 बैच के आईपीएस अधिकारी रवींद्र कुमार 31 अक्तूबर को बुलंदशहर के एएसपी से बरेली में प्रभारी एसपी सिटी पद पर प्रोन्नत होकर आए थे। उनके सीयूजी नंबर वाला व्हाट्सएप स्टेट्स लोगों को हैरान कर रहा है। इसमें अंग्रेजी में लिखा है कि कृपया यहां अपराध की सूचना न दें। यह नंबर 24 घंटे सातों दिन मॉनीटर नहीं होता है। किसी भी पुलिस सहायता के लिए 112 नंबर डायल करें। स्टेट्स से सवाल उठ रहा है कि आखिर लोग अपराध की सूचनाएं एसपी सिटी को बताएंगे नहीं तो वह क्षेत्र के बारे में अपडेट कैसे रहेंगे। लोग उनसे सहायता नहीं मांगेंगे, यह भी कैसे संभव है।
सवाल उठ रहा है कि पुलिस विभाग के ही एडीजी व डीआईजी से लेकर एसएसपी जैसे वरिष्ठ आईपीएस अफसर जब पूरे दिन व्यस्तता के बाद लोगों की कॉल या मेसेज रिसीव कर समस्या का समाधान करते हैं तो आखिर एसपी सिटी अपने सीमित क्षेत्र में ऐसा क्यों नहीं कर सकते? अगर नहीं भी कर सकते तो भी इस तरह का स्टेट्स लगाने की तुक किसी की समझ नहीं आ रही। वैसे हाल ही में एसपी सिटी सार्वजनिक रूप से यह बात कह चुके हैं कि रात में दस बजे के बाद उन्हें कॉल न की जाए। वह आईपीएस अफसर हैं और उनकी भी निजी जिंदगी है।
- एसपी सिटी का व्हाट्सएप स्टेट्स वाला मामला मेरे संज्ञान में आया है। अभी मैं रामपुर हूं, बरेली लौटकर इस विषय में जानकारी कराई जाएगी। - अविनाश चंद्र, एडीजी जोन
- बड़े अफसरों के पर्सनल ट्विटर पर इस तरह के स्टेट्स मैंने देखे हैं पर सीयूजी नंबर या व्हाट्सएप पर ऐसा संभव नहीं है। एसपी सिटी को बुलाकर पूछा जाएगा। - राजेश पांडेय, डीआईजी रेंज