बरेली। रोजगार को लेकर सड़क से लेकर संसद तक शोर हो रहा है। सरकार स्वरोजगार सृजन के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है, लेकिन सिस्टम की लापरवाही के चलते इसका लाभ लाभार्थियों तक नहीं पहुंच रहा। जनपद में भी लोन संबंधी योजनाएं बेहाल हैं। इस पर शासन ने नाराजगी जताते हुए शत प्रतिशत लक्ष्य चालू माह में ही पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
पिछले माह प्रमुख सचिव जिले के नोडल अधिकारी नवनीत सहगल ने 18 बिंदुओं पर समीक्षा की थी। इसमें पाई गईं लापरवाही और खामियों पर शासन ने गंभीरता दिखाते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। समीक्षा में स्वरोजगार योजनाओं में बेहद खराब प्रदर्शन पाया गया। वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ड योजना (ओडीओपी) की प्रगति भी कई माह बीतने के बाद दयनीय पाई गई। इससे नाराज शासन ने लक्ष्य पूरा करने के लिए दिसंबर में ऋण वितरण कैंप लगाने के निर्देश दिए हैं।
बैंक नहीं ले रहे रुचि
प्रमुख सचिव नवनीत सहगल ने डीएम को अर्द्ध शासकीय पत्र लिखकर अवगत कराया है कि जिले में केंद्रीय और राज्य स्तरीय योजनाओें की प्रगति अपेक्षा के अनुरूप नहीं है। इससे जाहिर है कि बैंकें इन योजनाओं को सफल करने में कोई रुचि नहीं ले रहे हैं। सहगल ने कहा है कि बैंकों की बैठक बुलाई जाए और इसी माह में कैंप लगवाकर लक्ष्य पूरे कराए जाएं।
लाभार्थियाें को नहीं मिल रही सब्सिडी
अक्तूबर में प्रधानमंत्री रोजगार ऋण वितरण में 68 मार्जिन मनी मामलों में 204 लाख रुपये आवंटित किए गए, लेकिन एक ही लाभार्थी को लाभ देकर सिर्फ पौने नौ लाख रुपये बांटे गए। युवा स्वरोजगार योजना में 216 मार्जिन मनी में 209.52 लाख रुपये दिए गए, लेकिन पांच लोगों तक सिर्फ 23.25 लाख रुपये पहुंच पाए। ओडीओपी में भी ऐसी ही मनमानी सामने आई है। इसमें 90 मार्जिन मनी मामलों में 225 लाख आवंटित हुआ, लेकिन एक भी लाभार्थी को ओडीओपी का लाभ नहीं मिला।