बरेली। हैदराबाद और उन्नाव कांड के बाद महिला सुरक्षा पर एक बार फिर कागजी घोड़े दौड़ने लगे हैं। महिला कल्याण विभाग ने स्लम एरिया के साथ उन इलाकों में खास पुलिस बंदोबस्त करने को कहा है जहां ऑटो ड्राइवर, रिक्शे वाले और मजदूरों का ठिकाना रहता है। प्रमुख सचिव नवनीत सहगल के निर्देश के मुताबिक सर्वाधिक महिला अपराध वाले चार थाना क्षेत्रों में पुलिस के साथ जागरूकता कैंप लगाने का भी फैसला लिया गया है।
महिला कल्याण विभाग के मुताबिक जिन इलाकों में बाहरी लोग, रिक्शा-ऑटो चालक, मजदूर आदि लोग रुकते हैं, वहां रात में महिलाओं के साथ अनहोनी की आशंका ज्यादा रहती है। शराब के अड्डे के आसपास का इलाका और ज्यादा संवेदनशील होता है। विभाग इन जगहों पर रात में पुलिस गश्त बढ़ाने के लिए पुलिस अफसरों से आग्रह करेगा। हाल में प्रमुख सचिव नवनीत सहगल ने भी 90 फीसदी आपराधिक मामले महिलाओं से जुड़े होने पर गंभीरता बरतने का निर्देश दिया था। प्रोबेशन अधिकारी नीता अहिरवार ने बताया कि महिला अपराध के मामले में थाना बारादरी, इज्जतनगर, नवाबगंज और देवरनिया थाना संवेदनशील हैं लिहाजा वहां पुलिस के साथ कैंप लगाकर महिलाओं को जागरूक किया जाएगा।
रात में महिलाओं की मदद करेगा वन स्टॉप सेंटर का हेल्पलाइन नंबर
महिला कल्याण विभाग ने रात में कहीं आते-जाते वक्त खुद को असुरक्षित महसूस करने पर महिलाओं की मदद के लिए वन स्टॉप सेंटर का हेल्पलाइन नंबर-7235004602 जारी किया है। जिला प्रोबेशन अधिकारी नीता अहिरवार ने बताया कि इस हेल्पलाइन पर अगर कोई महिला शिकायत करती है तो उसे पुलिस हेल्पलाइन नंबर-112 और महिला हेल्पलाइन नंबर-181 से समन्वय कर तत्काल मदद दी जाएगी।
आशा ज्योति केंद्र की हेल्प वैन अब तक गायब
महिलाओं के लिए आशा ज्योति केंद्र की हेल्प वैन जून से नहीं चल रही है। यह वैन करीब दो साल पहले मिली थी लेकिन बाद में शासन ने इसे चलाने पर रोक लगा दी। यह मामला पिछले महीने प्रमुख सचिव नवनीत सहगल की समीक्षा बैठक में भी उठा था। इसके बावजूद अब तक इस वैन को चलाने की कोई तैयारी शुरू नहीं हुई है।
पीड़िताओं को कोई धमका तो नहीं रहा..फीडबैक लेंगे अफसर
तेजाब पीड़ित, दहेज उत्पीड़न, दुष्कर्म, यौन शोषण की शिकार महिलाओं को कोई धमका तो नहीं रहा है, विवेचना की स्थिति क्या है, आदि के बारे में फीड़बैक लेने के लिए महिला कल्याण विभाग पीड़ित महिलाओं की सूची तैयार कर रहा है। विभाग ने ऐसे मामलों में दो साल के दौरान करीब साढ़े तीन सौ महिलाओं को आर्थिक मदद दी है।
स्लम एरिया के साथ उन इलाकों-चौराहों को संवेदनशील माना गया है जहां बाहरी लोग रात में रुकते हैं। पुलिस से ऐसे इलाकों में सुरक्षा बढ़ाने के लिए कहा जाएगा ताकि वहां महिला अपराधों को रोका जा सके। - नीता अहिरवार, जिला प्रोबेशन अधिकारी