बरेली। जरा सी बारिश के बाद बिजली सप्लाई की हालत खराब हो गई तो नगर निगम की लापरवाही से शहर के कई इलाकों में शुक्रवार सुबह पानी की सप्लाई भी अचानक बंद हो गई। नतीजा यह हुआ कि इन इलाकों में 45 हजार से ज्यादा आबादी का दिन भर का रुटीन बिगड़ गया। न लोग सुबह नहाकर कामकाज के लिए निकल पाए न जूठे बर्तन और गंदे कपड़े धुल पाए।
बिहारीपुर खत्रियान, बिहारीपुर मेमरान के पार्षद मुकेश मेहरोत्रा ने बताया कि इलाके में करीब 30 हजार की आबादी है। आमतौर पर सुबह छह से नौ बजे तक पानी की सप्लाई होती है मगर शुक्रवार को सुबह साढ़े सात बजे ही पानी की सप्लाई बंद हो गई। जिन इलाकों में पानी की सप्लाई पहुंची भी, वहां भी प्रेशर इतना कम था कि फ्लैटों और मकानों की ऊपरी मंजिलों में पानी नहीं पहुुंच पाया। बिहारीपुर कसगरान क्षेत्र के पार्षद राजकुमार गुप्ता ने बताया कि उनके क्षेत्र में भी करीब 14 हजार की आबादी को शुक्रवार सुबह पानी के लिए परेशान होना पड़ा। यहां सुबह पौने आठ बजे के आसपास पानी की आपूर्ति हो गई गई जिसके बाद लोग पानी की तलाश में इधर उधर भटकते रहे।
राजकुमार ने आरोप लगाया कि नगर निगम की ओर से अक्सर बिना किसी पूर्व सूचना के पानी की सप्लाई बाधित कर दी जाती है। इससे लोगों को परेशानी होती है। बड़ी ब्रह्मपुरी, छोटी ब्रह्मपुरी, सौदागरान आदि दर्जनों मोहल्लों में भी पानी नहीं आया। नगर निगम के जलापूर्ति विभाग के एई तारकेश्वर पांडेय ने बताया कि कभी कभी बिजली की फाल्ट आदि के चलते सप्लाई बाधित हो जाती है। कोशिश होती है कि इसे समय से ठीक कर लिया जाए और लोगों को परेशानी न हो।
कहीं फ्यूज उड़ा तो कहीं लो वोल्टेज कई जगह घंटों तक गुल रही बिजली
बरेली। बृहस्पतिवार की दोपहर में हुई बारिश के बाद बिजली सप्लाई की हालत शुक्रवार तक नहीं संभल पाई। शहर के ज्यादातर इलाकों में बिजली की सप्लाई दूसरे दिन भी अस्तव्यस्त रही। कहीं लो वोल्टेज की वजह से लोग परेशान हुए तो कहीं फाल्ट ने बिजली गुल कर दी। कई जगह तो घंटों बिजली नहीं आई।
बारिश और हवाओं से शहर से देहात तक बिजली सप्लाई नेटवर्क प्रभावित हो गया था। कई स्थानों पर हुए फाल्ट गुरुवार को सही नहीं हो पाए। इसलिए शुक्रवार सुबह से ही बिहारी पुर, पुराना शहर, सुभाषनगर, सीआई पार्क समेत कई स्थानों पर सप्लाई व्यवस्था अस्तव्यस्त रही। सिविल लाइंस, किला, सुभाषनगर, राम वाटिका, सिंधुनगर, बिहारी पुर समेत विभिन्न स्थानों पर बार-बार फाल्ट और ट्रिपिंग समस्या बनी रही। इससे शहरी पेयजल सप्लाई भी प्रभावित रही।