बरेली। सुभाषनगर में लाखों रुपये की लागत से विधायक द्वारा साल भर पहले बनवाईं गईं सीमेंटेड सड़कें साल भर नहीं चलीं। यह सड़कें जर्जर होने लगी हैं। जगह-जगह उनमें गड्ढे हो गए हैं। क्षेत्रीय लोगों की शिकायत पर सोमवार को अमर उजाला की टीम जायजा लेने पहुंची तो सड़कों की हालत बेहद खराब मिली। लोगों ने बताया कि मुख्यमंत्री के पोर्टल भी इसकी शिकायत की गई लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ।
मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने प्रत्येक विधायक को उनके विधानसभा क्षेत्र में सड़कें बनवाने के लिए विधायक निधि से अलग पांच-पांच करोड़ रुपये का बजट दिया था। इसी बजट से कैंट विधानसभा के सुभाषनगर में खालसा इंटर कॉलेज के पीछे और बाजपेयी ढाल से बदायूं रोड की ओर जाने वाली सड़कें बनाई गईं थीं। क्षेत्रवासियों के मुताबिक लाखों रुपये की लागत से ये सड़कें बनाने की जिम्मेदारी ग्रामीण अभियंत्रण सेवा (आरईएस) को दी गई। ठेकेदार एक पूर्व मंत्री का करीबी था, लिहाजा सड़क निर्माण में गुणवत्ता पर कोई ध्यान ही नहीं दिया गया। परिणामस्वरूप कुछ ही दिन बाद सड़कें उखड़ने लगीं और अब जगह-जगह इसमें गड्ढे हो गए हैं।
जानकारी छिपाने को नहीं लगाए बोर्ड
इस निर्माण कार्य पर कितनी लागत आई क्षेत्र के लोग नहीं जानते। कार्यदायी संस्था और ठेकेदार कौन थे, यह जानकारी छिपाने के लिए यहां निर्माण कार्य संबंधी बोर्ड भी नहीं लगाए गए हैं।
पूर्व मंत्री के डर से नहीं हुई कार्रवाई
सड़क की बदहाली पर लोगों ने मुख्यमंत्री के पोर्टल पर इसकी शिकायत की तो आरईएस में जाने को कहा गया। मगर जब आरईएस के अफसरों से शिकायत की गई तो पूर्व मंत्री के डर से अफसरों की कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं पड़ी क्योंकि ठेकेदार मंत्री का करीबी था।
लोगों की बात
इन सड़कों की गुणत्ता इतनी खराब थी कि एक ओर सड़क बन रही थी और दूसरी ओर उखड़ना शुरू हो गईं। कई बार अफसरों से इस धांधली की शिकायत की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। - राजा सेठी, व्यापारी
अभी तो इन सड़कों को बने हुए एक साल भी नहीं हुआ है और जगह-जगह से उखड़ गई हैं। सड़क उखड़ने की शुरुआत निर्माण के कुछ ही दिन बाद हो गई थी लेकिन कोई अफसर देखने नहीं आया। - रामपाल, डेयरी संचालक
खालसा इंटर कॉलेज के पीछे और बाजपेयी ढाल वाली सड़कें एकसाथ बनी थीं। मेरी दुकान के सामने सड़क काफी खराब हो गई तो समस्या हुई तो मैंने खुद सीमेंट डलवाकर मरम्मत कराई है। - आशीष, चाट विक्रेता
करीब एक साल पहले यह सड़कें रात में बनाई गई थीं तो किसी ने देखा भी नहीं कि कैसे बन रही हैं। मगर अब काफी समय से सड़कें जगह-जगह से उखड़ने लगी हैं और गड्ढे हो गए हैं। - विक्की, प्रेस वाला